ब्रेकिंग
Delhi News: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने पर बड़ा एक्शन, साउथ जोन DC समेत 4 इंजीनियर निलंबित; ... IIT Mandi News: भगवद्गीता आधारित पोस्टर पर जातिगत भेदभाव का आरोप, डायरेक्टर लक्ष्मीधर बेहरा ने दिए ज... Bihar Flood Alert: पटना में टूटा 2016 का रिकॉर्ड, पवन सिंह के घर में घुसा पानी; 9 जिलों में भारी बार... MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच तेज, 7वीं रैंकर ऋतुजा पाटील से पूछताछ Khunti Murder Case: खूंटी में 8 महीने की गर्भवती प्रेमिका की हत्या कर जंगल में फेंका शव, आरोपी प्रेम... Varanasi Shreya Murder Case: 20 दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विवेक चौबे गिरफ्तार, पैर में ल... Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में 30 साल पुरानी 5 मंजिला PG इमारत ढही, 6 छात्रों की मौत; मकान... Delhi News: सत्य निकेतन PG हादसे में मकान मालिकों पर कसेगा शिकंजा, स्निफर डॉग्स की मदद से NDRF का सर... अमरकंटक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में सनसनीखेज घटना: बीसीए की छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस का बड़ा हमला: नाना पटोले ने बताया पूरी तरह दोषपूर्ण

Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भव्य बाइक रैली

पंडरिया (छत्तीसगढ़): सतनाम पंथ के प्रवर्तक एवं महान समाज सुधारक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास के सुपुत्र गुरु बालकदास जी की 221वीं जयंती क्षेत्र में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

गुरु बालकदास जी का जन्म 18 अगस्त 1805 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पावन धाम गिरौदपुरी में हुआ था। उनकी पावन स्मृति और शिक्षाओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर वर्ष इस तिथि को सतनाम पंथ के अनुयायी बड़े उत्साह के साथ जन्म स्मृति दिवस मनाते हैं।

🏍️ 30 गांवों में निकाली गई भव्य बाइक रैली: जैतखाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

जयंती समारोह और प्रमुख कार्यक्रम:

  • जैतखाम में अनुष्ठान: पंडरिया के विभिन्न गांवों में सुबह से ही पवित्र जैतखाम स्थलों पर श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया, जहां विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना और मंगल आरती की गई।

  • भव्य बाइक रैली: दोपहर में डीजे की धुन और श्वेत ध्वज के साथ एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसने आसपास के 25 से 30 गांवों का भ्रमण कर सामाजिक समरसता और गुरु संदेश का प्रसार किया।

  • युवाओं और महिलाओं की भागीदारी: यात्रा के उपरांत युवाओं ने अखाड़ा व पारंपरिक हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं और बालिकाओं ने भी पूरे उल्लास के साथ आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रसाद वितरण किया।

🪘 पंथी गीतों की धुन पर जमकर थिरके श्रद्धालु: साहेब लाल के भजनों ने बांधा समां

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक संकल्प:

  • मंगल भजनों की प्रस्तुति: भजन गायक साहेब लाल और उनके साथी कलाकारों ने “गुरु ज्ञान के महिमा मा नहा लेगा” की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

  • पंथी गीतों पर नृत्य: “कहे बाबा घासीदास, सतनाम बोल” जैसे पारंपरिक पंथी गीतों की थाप पर समाज के लोग भक्ति भाव से सराबोर होकर खूब थिरके।

  • समाज निर्माण का संकल्प: इस अवसर पर उपस्थित समाज प्रमुखों और अनुयायियों ने गुरु बालकदास के समाजोत्थान, कुप्रथा उन्मूलन और समानता के अधूरे सपनों को पूरा करने का सामूहिक संकल्प लिया।

⚔️ अन्याय के विरोधी और शौर्य के प्रतीक थे गुरु बालकदास: ब्रिटिश हुकूमत ने दी थी ‘राजा’ की पदवी

इतिहास, वीरता और समाधि स्थल:

  • अंग्रेजों ने भेंट की थी स्वर्ण तलवार: समाजसेवी महेंद्र घृतलहरे ने गुरुजी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे अन्याय और शोषण के प्रबल विरोधी थे। उनके सामाजिक सुधार आंदोलनों और अदम्य वीरता से प्रभावित होकर तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नर ने उन्हें स्वर्ण-जड़ित तलवार व हाथी भेंट कर ‘राजा’ की उपाधि से विभूषित किया था।

  • भंडारपुरी धाम में मुख्य समाधि: कार्यक्रम में पहुंचे बीआरसी पब्लिक स्कूल के एमडी भूपेंद्र चंद्राकर ने कहा कि संत गुरु बालकदास जी का मुख्य समाधि स्थल छत्तीसगढ़ के पवित्र भंडारपुरी धाम में स्थित है।

  • त्याग और शहादत: ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी शहादत के बाद उनके पार्थिव शरीर को भंडारपुरी लाया गया था, जहां तालाब के तट पर पूरे राजकीय व धार्मिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर समाधि स्थापित की गई। वक्ताओं ने उनके बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।