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किरायेदार, डिलीवरी एजेंट और घरेलू कामगारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य; कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश

शहडोल (मध्य प्रदेश): जिले में शांति, कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखने और जन-सामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।

कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 15 दिनों से अधिक अवधि के लिए ठहरने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति की जानकारी संबंधित थाने में दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था का उल्लंघन करने अथवा नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित मकान मालिक, नियोक्ता अथवा संस्था संचालक के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

📋 किरायेदारों, पेइंग गेस्ट और घरेलू नौकरों का सत्यापन अनिवार्य: बिना सूचना किराए पर देने पर रोक

मकान मालिकों और संस्थानों के लिए तय नियम:

  • किरायेदारों का विवरण: मकान अथवा दुकान मालिकों को किराए पर संपत्ति देने से पूर्व निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने में किरायेदार व पेइंग गेस्ट (PG) की संपूर्ण सूचना देना अनिवार्य किया गया है।

  • आईडी प्रूफ और संपर्क सूत्र: किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट से वैध पहचान पत्र और सक्रिय मोबाइल नंबर प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

  • घरेलू व व्यावसायिक कर्मी: घरेलू नौकरों, रसोइयों, सहायकों और व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन और थाने में औपचारिक सूचना दर्ज कराने के पश्चात ही उन्हें कार्य पर रखा जा सकेगा।

  • निजी छात्रावास (Hostels): निजी हॉस्टलों में निवास करने वाले छात्र-छात्राओं की सूची, उनके पहचान पत्र एवं संपर्क नंबर भी निर्धारित प्रारूप में निकटतम पुलिस स्टेशन को सौंपने होंगे।

🏨 होटल, लॉज और धर्मशालाओं के लिए कड़े निर्देश: ‘अतिथि पोर्टल’ पर दैनिक एंट्री जरूरी

आतिथ्य और निर्माण क्षेत्र हेतु दिशा-निर्देश:

  • प्रतिदिन देनी होगी सूची: होटल, लॉज, रैन बसेरा, धर्मशाला और धार्मिक स्थलों पर रुकने वाले सभी आगंतुकों से वैध पहचान पत्र व मोबाइल नंबर लिया जाना अनिवार्य है। इसकी दैनिक सूची संबंधित थाने को भेजी जाएगी।

  • अतिथि पोर्टल पर प्रविष्टि: मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘अतिथि पोर्टल’ पर ठहरने वाले सभी नागरिकों की जानकारी अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।

  • निर्माण श्रमिक एवं कारीगर: ठेकेदारों को भवन निर्माण अथवा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कार्यरत सभी स्थानीय व बाहरी मजदूरों तथा कारीगरों का पूरा ब्योरा थाने में प्रस्तुत करने के बाद ही कार्य पर लगाने की अनुमति होगी।

🛵 डिलीवरी एजेंट्स, स्पा सेंटर और सुरक्षा गार्ड्स की भी होगी जांच: विदेशी नागरिकों पर विशेष निगरानी

सेवा प्रदाताओं और प्रतिष्ठानों के लिए मानक:

  • डिलीवरी व सेवा कर्मी: ई-कॉमर्स कंपनियों के ऑनलाइन शॉपिंग एवं होम डिलीवरी एजेंट्स, स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी पार्लरों के कर्मचारियों का पूरा विवरण और पहचान पत्र थाने में जमा कराना होगा।

  • निजी सुरक्षा गार्ड: निजी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैनात किए गए गार्ड अथवा व्यक्तिगत स्तर पर नियुक्त सुरक्षाकर्मियों की जानकारी भी अनिवार्य रूप से पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।

  • विदेशी नागरिक: यदि कोई विदेशी नागरिक जिले की सीमा में ठहरता है, तो उसकी तत्काल आधिकारिक सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय की एफआरआरओ (FRRO) शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा।

⚖️ नियमों की अनदेखी पर होगी दंडात्मक कार्रवाई: BNSS की धारा 223 के तहत दर्ज होगा मुकदमा

कानूनी प्रावधान और प्रशासनिक चेतावनी:

  • कड़ी कानूनी कार्रवाई: कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए जारी किए गए इन आदेशों के किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

  • नागरिकों से अपील: जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, होटल संचालकों, ठेकेदारों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा अथवा कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए समय पर आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करें।