बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 का मेगा प्लान
भोपाल (मध्य प्रदेश): वर्ष 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं यानी ‘जेन जी’ (Gen Z) से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी डिजिटल रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।
पार्टी अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को आम जनता और सरकार के बीच एक सेतु (कैटेलिस्ट) के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। बीजेपी पूरे प्रदेश में ऐसे सक्रिय क्रिएटर्स की तलाश कर रही है, जिनकी रील्स और वीडियोज पर न्यूनतम एक मिलियन (1M+) व्यूज आते हों, जिनका कंटेंट विवादित न हो और जो वैचारिक रूप से राष्ट्रहित की सोच से जुड़ाव रखते हों।
📱 51 जिलों में होगी क्रिएटर्स की छंटनी: सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
स्क्रीनिंग प्रक्रिया और कार्ययोजना:
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इंदौर-भोपाल से शुरुआत: पहले चरण में इंदौर और भोपाल के चुनिंदा क्रिएटर्स को चिन्हित किया गया है। अब प्रदेश के सभी 51 जिलों में ऐसे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की खोज की जाएगी।
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कड़ी स्क्रीनिंग: बीजेपी सोशल मीडिया विभाग के संयोजक सुयश तिवारी के अनुसार, भोपाल में 100 से अधिक क्रिएटर्स की प्रोफाइल, रीच और कंटेंट की जांच की गई, जिसके बाद 30 क्रिएटर्स को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संवाद के लिए चुना गया।
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योजनाओं का प्रचार: इन क्रिएटर्स के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप्स की पहलों को युवाओं की भाषा में पेश किया जाएगा।
☕ ‘कॉफी विद स्टेट प्रेसिडेंट’ के बाद अब ‘कॉफी विद सीएम मोहन यादव’ की तैयारी
संवाद कार्यक्रम और भावी रणनीतियां:
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सफल रहा पहला सत्र: प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ ‘कॉफी विद स्टेट प्रेसिडेंट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने पर चर्चा हुई।
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मुख्यमंत्री से होगी अगली बैठक: सुयश तिवारी ने बताया कि आगामी चरण में चयनित कंटेंट क्रिएटर्स की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे सरकार के विजन को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
🗣️ मालवी, बुंदेली और निमाड़ी भाषा के क्रिएटर्स को प्राथमिकता: ग्रामीण इलाकों में पकड़ होगी मजबूत
क्षेत्रीय भाषाओं का समावेश और सदस्यता पर स्थिति:
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लोकभाषाओं का जुड़ाव: बड़े शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बनाने के लिए मालवी, बुंदेली, निमाड़ी और अवधी जैसी स्थानीय बोलियों में वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
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सदस्यता अनिवार्य नहीं: पार्टी ने स्पष्ट किया है कि क्रिएटर्स को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता लेना अनिवार्य नहीं होगा। जो न्यूट्रल या ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) की सोच रखते हैं, वे भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।
📢 ‘एक रील में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की ताकत’: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
सोशल मीडिया की शक्ति पर शीर्ष नेतृत्व का आह्वान:
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डिजिटल युग की ताकत: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने क्रिएटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया किसी भी बड़े नैरेटिव या आंदोलन को खड़ा करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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सकारात्मक संदेश: उन्होंने क्रिएटर्स से अपील की कि वे अपनी रील्स और रचनात्मक वीडियोज के जरिए युवाओं को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों से जोड़ें।