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शिवपुरी में बस ऑपरेटरों की मनमानी: ₹100 का किराया हुआ ₹200, सुरक्षा के लिए अनिवार्य पैनिक बटन गायब

शिवपुरी (मध्य प्रदेश): परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में वृद्धि की घोषणा करते ही जिले के निजी बस ऑपरेटरों ने तत्काल प्रभाव से मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया है। जो सफर पहले 100 रुपये में तय होता था, उसके लिए अब यात्रियों को 200 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं अगर यात्री किसी तथाकथित ‘लग्जरी’ बस में सवार होते हैं, तो यह किराया 250 से 300 रुपये तक पहुंच जाता है। बस संचालक यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूलने में तनिक भी रियायत नहीं बरत रहे हैं, लेकिन यात्रियों और महिला सुरक्षा से जुड़े अनिवार्य नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

🚨 बसों में महिला सुरक्षा के लिए अनिवार्य पैनिक बटन नदारद या बने शो-पीस

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और जमीनी हकीकत:

  • पैनिक बटन की अनदेखी: शासन द्वारा यात्री बसों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया है, किंतु अधिकांश बसों से यह पूरी तरह गायब है।

  • दिखावे के उपकरण: जिन गिनी-चुनी बसों में पैनिक बटन लगाए भी गए हैं, वे केवल दिखावे के लिए हैं और तकनीकी रूप से काम नहीं कर रहे हैं।

  • फिटनेस नियमों की धज्जियां: नियमानुसार पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VLTD) सक्रिय न होने पर बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता, फिर भी ऐसी बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं।

📋 न गेट पर किराया सूची, न सुरक्षा का ध्यान: प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

परिवहन नियमों की अवहेलना:

  • किराया सूची गायब: नियमों के तहत प्रत्येक बस के प्रवेश द्वार और अंदर यात्रियों की जानकारी के लिए अधिकृत किराया सूची चस्पा करना अनिवार्य है, जिसका पालन किसी भी बस में नहीं किया जा रहा।

  • यात्रियों की परेशानी: किराया सूची न होने का फायदा उठाकर परिचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं और विरोध करने पर अभद्रता करते हैं।

  • कार्रवाई की दरकार: स्थानीय नागरिकों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से मनमानी किराया वसूली पर रोक लगाने तथा सुरक्षा मानकों की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।