ब्रेकिंग
उदोवाली कलां रजवाहा नहर में लगातार हो रहे हादसे, नहर विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश लुधियाना के सिविल लाइंस में मोबाइल टावर से महंगे कार्ड चोरी: सतलुज टावर की छत पर BTS बॉक्स काटकर वार... गुरदासपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: सड़कों पर कई फीट पानी भरा, घरों में घुसा पानी; ड्रेन... लुधियाना रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट: 528.95 करोड़ के प्रोजेक्ट की डेडलाइन फिर बढ़ी, अब जून 2027 तक हो... बकाया बिजली बिलों पर विभाग का सख्त रुख, डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटने की मुहिम शुरू हांसी के बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड: किसान के बेटे ने तानों से लेकर पदकों तक तय क... कुरुक्षेत्र में वकील के घर ₹3.15 करोड़ की डकैती: CIA-1 और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने ... पूर्व अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों में 20% तक क्षैतिज आरक्षण हरियाणा में नाती-नातिन को संपत्ति ट्रांसफर पर स्टाम्प शुल्क में 100% छूट: सरकार ने 2014 की अधिसूचना ... चरखी दादरी के कसानी गांव के लाल रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद, पूरे गांव में शोक की लहर

PoJK में पाकिस्तान सेना और आतंकी नेटवर्क का गठजोड़ उजागर, मंच पर दिखा जैश कमांडर

मुजफ्फराबाद (PoJK): पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के बीच सांठगांठ को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है।

दावा किया जा रहा है कि PoJK में स्थानीय नागरिकों के बढ़ते आक्रोश को दबाने और सेना की गिरती छवि सुधारने के लिए पाकिस्तानी सेना जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी चेहरों का इस्तेमाल कर रही है। इसी क्रम में नीलम घाटी में आयोजित सेना समर्थित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जैश-ए-मोहम्मद की शूरा का सदस्य मजहर सईद शाह खुलेआम मंच से भाषण देता नजर आया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि पाक सेना स्थानीय प्रदर्शनों को कुचलने के लिए आतंकियों का सहारा ले रही है।

🎤 नीलम घाटी की रैली में आतंकी की मौजूदगी, भारत के खिलाफ उगला जहर

नीलम घाटी में आयोजित इस जनसभा में आतंकी मजहर सईद शाह ने स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए भड़काऊ बातें कहीं:

  • जनसमर्थन जुटाने की कोशिश: आरोप है कि प्रतिबंधित संगठनों के कमांडरों का इस्तेमाल स्थानीय आबादी पर दबाव बनाने और सेना के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए किया जा रहा है।

  • खुली धमकी: मजहर सईद शाह ने अपने भाषण में सीमा पार से आ रहे वीडियो और संदेशों पर खुशी जताने वाले नागरिकों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

  • बयान-उल-मरूसूस का जिक्र: उसने ऑपरेशन ‘बयान-उल-मरूसूस’ का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकिस्तान पहले भी भारत के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है और दोबारा ऐसा कर सकता है। उसने चेतावनी दी कि यदि लोगों ने जश्न मनाया तो पाकिस्तान उस जश्न को राख में बदल देगा।

🤝 सेना और आतंकी संगठनों के संबंधों पर उठे अंतरराष्ट्रीय सवाल

मजहर सईद शाह का सैन्य मंच साझा करना कई रणनीतिक सवाल खड़े करता है:

  • वैश्विक प्रतिबंधों की धज्जियां: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा संयुक्त राष्ट्र (UN) और भारत सहित कई प्रमुख देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं।

  • सार्वजनिक मंचों का दुरुपयोग: प्रतिबंधित संगठनों के मुख्य चेहरों को खुलेआम मंच देना यह दर्शाता है कि PoJK में सेना और आतंकियों के बीच कोई विभाजन रेखा नहीं बची है।

  • जनता की आवाज दबाने का प्रयास: विश्लेषकों का मानना है कि PoJK में बुनियादी अधिकारों, महंगाई और आटे-बिजली के संकट को लेकर हो रहे जनआंदोलनों को डराने के लिए सेना इन खूंखार आतंकियों को आगे कर रही है।

🏕️ भारत के खिलाफ PoJK को बना रखा है आतंकी लॉन्च पैड और ट्रेनिंग सेंटर

जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन PoJK की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के मुख्य केंद्र के रूप में करते हैं:

  • ट्रेनिंग कैंप्स का नेटवर्क: मुजफ्फराबाद, कोटली, बाग और नीलम घाटी के जंगलों में गुप्त और खुले तौर पर आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाए जाते हैं।

  • LoC पर लॉन्च पैड्स: नियंत्रण रेखा (LoC) के निकटवर्ती इलाकों को लॉन्च पैड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जहां से प्रशिक्षित आतंकियों को भारतीय सीमा (विशेषकर जम्मू-कश्मीर) में घुसपैठ कराने की फिराक रहती है।

  • फिदायीन भर्ती की साजिश: खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, लश्कर और जैश के हैंडलर PoJK के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को गुमराह कर और धार्मिक उन्माद फैलाकर आत्मघाती (फिदायीन) दस्तों में भर्ती करने का प्रयास कर रहे हैं।