कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सक्रिय कार्यकर्ता के पिता अब्दुल पर हुए हमले के बाद पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवार को ‘सच्चा देशभक्त’ बताते हुए उन्हें पूरा कानूनी व नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। सीजेपी ने इस मामले में प्रशासन के समक्ष चार सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिसमें परिवार को पुख्ता सुरक्षा, हमलावरों को सख्त सजा, पुलिस की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच और अब्दुल के पिता के सम्मान में एक स्कूल की स्थापना शामिल है।
⏳ मांगें न मानने पर बांकुरा में जिला कार्यालयों के घेराव की चेतावनी, शुरू होगा फंडरेजर
पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार को अल्टीमेटम जारी किया है:
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10 दिन की समय-सीमा: सीजेपी ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर दोषियों पर ठोस कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई, तो पार्टी कार्यकर्ता बांकुरा में जिला प्रशासनिक कार्यालयों का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे।
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मदद के लिए फंडरेजर: पीड़ित परिवार को आर्थिक और कानूनी संबल देने के लिए संगठन की ओर से एक विशेष ‘फंडरेजर’ अभियान शुरू किया जाएगा।
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हॉल बुकिंग रद्द होने पर आरोप: पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत सभा हॉल में आयोजित होने वाली उनकी आंतरिक बैठक को भाजपा के राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अचानक रद्द करवा दिया गया।
🏫 बंगाल में 2,000 से अधिक स्कूल बंद होने पर चिंता, सीजेपी साझा करेगी 5 सूत्रीय शिक्षा सुधार योजना
पार्टी ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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बंद स्कूलों को दोबारा खोलने की मांग: सीजेपी ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल के भीतर 2,000 से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिन्हें जनहित में तत्काल दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।
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शिक्षा सुधार का मॉडल: पार्टी ने राज्य में स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक ‘5 सूत्रीय शिक्षा सुधार योजना’ का प्रारूप साझा करने और उसके क्रियान्वयन पर सरकार को पूरा सहयोग देने की पेशकश की है।
✊ झारखंड में छात्रों की जीत की सराहना, ‘दिमागी नक्सल’ रणनीति पर केंद्र को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय स्तर के छात्र आंदोलनों और रणनीतियों का भी उल्लेख किया गया:
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छात्रों के संघर्ष को सलाम: सीजेपी ने झारखंड में हाल ही में छात्र आंदोलन को मिली बड़ी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि हालांकि छात्रों को न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनकी एकजुटता प्रेरणादायी है।
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रणनीति में बदलाव की सलाह: युवाओं और छात्रों के लोकतांत्रिक मुद्दों को ‘दिमागी नक्सल’ बताने वाली ’15 साल पुरानी घिसी-पिटी रणनीति’ की आलोचना करते हुए पार्टी ने प्रधानमंत्री को जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे आम नागरिकों से संवाद करने का सुझाव दिया।
🎤 ‘बीजेपी कॉकरोच से भी डरती है’ — प्रेस क्लब के बाहर बरसे राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका
कोलकाता प्रेस क्लब के बाहर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तीखा हमला बोला:
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आशुतोष रांका का बयान: राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आंतरिक बैठकों के हॉल रद्द किए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए तंज कसा कि सत्ताधारी दल अब सीजेपी के लोकतांत्रिक विरोध और आवाजों से खौफजदा है।
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जवाबदेही की मांग: उन्होंने राज्य सरकार से अब्दुल के मामले में चारों मुख्य मांगों पर अविलंब आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा।
🎒 जंतर-मंतर के बाद अब देशव्यापी ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन शुरू करेगी सीजेपी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में आयोजित सफल विरोध-प्रदर्शन के बाद संगठन ने अपनी अगली जमीनी रूपरेखा तैयार कर ली है:
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जमीनी निरीक्षण: पार्टी ने ‘स्कूल ठीक करो’ राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों के गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में सरकारी स्कूलों की भौतिक स्थिति का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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सुविधाओं की बहाली: इस अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता की जवाबदेही तय कराना है।