ऋषिकेश (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। पशुलोक बैराज क्षेत्र के समीप रात लगभग 9:22 बजे एक मैक्स (Maxx) वाहन अनियंत्रित होकर सीधे उफनती बीन नदी में जा गिरा और पलट गया। वाहन में चालक सहित कुल दो लोग सवार थे, जो नदी के विकराल और तेज बहाव में बहते हुए आगे जाकर एक सीढ़ीनुमा बांध (Check Dam) की संरचना पर अटक गए। हादसे की सूचना तत्काल राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को दी गई, जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला।
🌊 पशुलोक बैराज से मिली सूचना, ढालवाला पोस्ट से तत्काल रवाना हुई SDRF टीम
घटना की सूचना पशुलोक बैराज पुलिस चौकी द्वारा रात करीब 9:22 बजे कंट्रोल रूम को दी गई।
सूचना मिलते ही ढालवाला पोस्ट से एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर जवानों ने पाया कि बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और बहाव अत्यंत तीव्र था। अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और विषम परिस्थितियों की परवाह किए बिना एसडीआरएफ के जवानों ने तुरंत उफनती नदी में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया।
🛡️ तेज बहाव और अंधेरे के बीच संयुक्त प्रयास से दोनों लोगों को सकुशल निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान जवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा:
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पहले व्यक्ति का रेस्क्यू: जवानों ने भारी मशक्कत के बाद पहले व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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दूसरे व्यक्ति का रेस्क्यू: दूसरा व्यक्ति वाहन के भीतर फंसा हुआ था और तेज बहाव के कारण गाड़ी भी कुछ दूरी तक बहने लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दूसरी एसडीआरएफ बैकअप टीम को बुलाया गया।
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अस्पताल में भर्ती: दोनों टीमों के बेहतरीन तालमेल और संयुक्त प्रयास से दूसरे फंसे व्यक्ति को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और दोनों घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
📹 जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, जवानों के साहस की सराहना
रात के घने अंधेरे और नदी के तेज बहाव के बीच चलाए गए इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अंधेरे, फिसलन और तेज धारा के बावजूद एसडीआरएफ के जवानों द्वारा दिखाई गई त्वरित सूझबूझ, अदम्य साहस और कुशल बचाव तकनीक के कारण ही दोनों व्यक्तियों को नया जीवन मिल सका। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एसडीआरएफ टीम की तत्परता और जांबाजी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।