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वाराणसी स्मार्ट सिटी योजना के 10 वर्ष पूरे, 1000 करोड़ रुपये की लागत से बदली धर्मनगरी की सूरत और सीरत

वाराणसी (उत्तर प्रदेश): सितंबर 2016 में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा वाराणसी सहित देश के 27 प्रमुख शहरों का चयन स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रारंभ हुए करीब दस वर्ष व्यतीत हो चुके हैं। इन दस वर्षों के दौरान काशी में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की विशाल लागत से अनगिनत विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं। वाराणसी की कायापलट करने में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। करोड़ों रुपये की लागत वाले प्रमुख प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सहूलियतें बढ़ी हैं।

🏛️ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, नमो घाट, सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व एडवांस सर्विलांस से मिला नया आयाम

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत काशी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए बहुआयामी कार्य संपन्न कराए गए हैं।

इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर ‘रुद्राक्ष’, आधुनिकतम नागरिक सुविधाओं से युक्त ‘नमो घाट’, शहर को जाम मुक्त बनातीं अत्याधुनिक मल्टी-लेवल पार्किंग्स, एडवांस सर्विलांस सिस्टम, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), आजादी से पूर्व के ऐतिहासिक विद्यालयों का कायाकल्प, पारंपरिक गलियों व पौराणिक कुंडों/तालाबों का पुनरुद्धार, पार्कों में ओपन जिम, तथा गंगा घाटों पर आकर्षक फसाड लाइटिंग व साइनेज प्रमुख उपलब्धियां रही हैं।

💬 10 वर्षों में आधारभूत संरचना पर खर्च हुए ₹1000 करोड़: मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी

वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने आधिकारिक ब्यौरा देते हुए बताया कि, “विगत दस वर्षों में करीब एक हजार करोड़ रुपये शहर की आधारभूत संरचना (Infrastructure), ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर व्यतीत किए गए हैं। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के साझा सहयोग से संचालित हो रही है। नमो घाट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इस योजना के प्रमुख ऐतिहासिक स्तंभ हैं।”

📹 3000 सीसीटीवी कैमरों से लैस हुआ संपूर्ण काशी, डिजिटल लाइब्रेरी व पार्कों का होगा विस्तार

मुख्य महाप्रबंधक ने आगे बताया कि आज संपूर्ण वाराणसी क्षेत्र लगभग 3,000 हाई-टेक सर्विलांस कैमरों की निगरानी में है, जिससे अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।

अनेक वार्डों में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क को दुरुस्त किया गया है। उन्होंने भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आगामी चरण में शहर में हरित क्षेत्र (Greenery) बढ़ाने, डिजिटल लाइब्रेरी, कम्युनिटी सेंटर स्थापित करने तथा सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।

🗣️ स्थानीय निवासियों ने माना— ‘जाम से मिली राहत’, पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए निरंतर सुधार की आवश्यकता

काशी के स्थानीय नागरिकों एवं व्यवसायियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी योजना से आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मल्टी-लेवल पार्किंग्स और सुदृढ़ यातायात तंत्र से पहले की तुलना में लंबे ट्रैफिक जाम से काफी हद तक मुक्ति मिली है। नागरिकों का कहना है कि बीते दस वर्षों में ऐतिहासिक काम हुए हैं, किंतु बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु प्रतिदिन पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के अत्यधिक दबाव को देखते हुए अभी भी सतत सुधार और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है।