सीएम नायब सैनी का फैसला: रोहतक, महम, पानीपत और करनाल में लगेंगी टिशू कल्चर लैब; गन्ने का उत्पादन व रिकवरी बढ़ाएगी सरकार
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी अध्यक्षता में आयोजित ‘स्टेट फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर मिल्स’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गन्ने की उन्नत, रोगरोधी एवं उच्च उत्पादन देने वाली नवीन किस्मों को किसानों तक शीघ्रता से पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया।
राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली गन्ने की पौध तैयार करने के उद्देश्य से रोहतक, महम, पानीपत और करनाल सहकारी चीनी मिलों में चार आधुनिक टिशू कल्चर लैब (Tissue Culture Labs) स्थापित की जाएंगी। आवश्यकता होने पर गन्ने की उत्कृष्ट किस्मों का प्रामाणिक बीज अन्य पड़ोसी राज्यों से भी आयात किया जाएगा।
🌱 गन्ने की उत्पादकता और चीनी रिकवरी में होगी बढ़ोतरी, चौड़ी कतार बिजाई प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर ₹5,000 की
सरकार के इस महत्वाकांक्षी कदम से प्रदेश में प्रति एकड़ गन्ने की उत्पादकता तथा चीनी की रिकवरी प्रतिशत (Sugar Recovery) में गुणात्मक सुधार होगा।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों (Wide Row Planting) में गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया है, ताकि किसान आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने हेतु प्रोत्साहित हो सकें।
🗣️ प्रति चार माह में किसानों संग संवाद के निर्देश, गन्ना तुलाई केंद्रों पर स्थापित की जाएंगी सुझाव पेटियां
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबन्ध निदेशकों (Managing Directors) को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक चार माह में अनिवार्य रूप से स्थानीय गन्ना किसानों के साथ प्रत्यक्ष संवाद बैठकें आयोजित करें।
इसके अतिरिक्त, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने हेतु सभी प्राथमिक गन्ना तुलाई केंद्रों पर शिकायत व सुझाव पेटियां (Suggestion Boxes) भी स्थापित की जाएंगी। इन पेटियों के माध्यम से किसान अपनी व्यावहारिक समस्याएं और मूल्यवान सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध व प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।