लुधियाना का प्रतिष्ठित सतलुज क्लब विवादों में: कट-ऑफ डेट के बाद RTGS से पेमेंट लेकर मेंबरशिप देने के आरोप, मेंबर्स ने मांगा रिकॉर्ड
लुधियाना (पंजाब): पंजाब के लुधियाना शहर के अत्यंत प्रतिष्ठित ‘सतलुज क्लब’ में मेंबरशिप (सदस्यता) आवंटन की प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। क्लब के गलियारों में चर्चा है कि क्लब प्रबंधन द्वारा अपने पसंदीदा और चहेते आवेदकों को लाभ पहुँचाने की नीयत से निर्धारित अंतिम तिथि (कट-ऑफ डेट) समाप्त होने के उपरांत भी आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर टेम्पररी (अस्थायी) मेंबरशिप प्रदान कर दी गई है।
💰 मात्र ₹2 लाख की फीस में परमानेंट मेंबर बनने का था अवसर, मेंबर्स में भारी रोष
इस मामले के उजागर होते ही क्लब के पुराने और स्थायी सदस्यों (मेंबर्स) में गहरा असंतोष व्याप्त हो गया है, जिसके चलते कई सदस्यों ने निष्पक्षता की मांग करते हुए प्रबंधन से इस संपूर्ण प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड मांगना आरंभ कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतलुज क्लब प्रबंधन की ओर से क्लब मेंबर्स के डिपेंडेंट (बच्चों व परिजनों) को मात्र ₹2 लाख की रियायती फीस देकर परमानेंट मेंबर बनने का एक विशेष अवसर प्रदान किया गया था। इस योजना के अंतर्गत नए मेंबरशिप फॉर्म और निर्धारित फीस जमा कराने की अंतिम तिथि (कट-ऑफ डेट) 31 मई 2026 नियत की गई थी।
📄 कट-ऑफ डेट के बाद बैकडेट में दी गई टेम्पररी मेंबरशिप! मेंबर्स ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, 31 मई की अंतिम तिथि समाप्त हो जाने के बावजूद कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास और रसूखदार आवेदकों से बैकडेट में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भुगतान स्वीकार किया गया।
इसके पश्चात उन्हें तुरंत टेम्पररी मेंबरशिप नंबर जारी कर दिए गए। जैसे ही यह जानकारी आम सदस्यों तक पहुँची, क्लब के भीतर हलचल तेज हो गई और मेंबर्स ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करते हुए लिखित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की मांग रख दी।
🏛️ क्लब प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार, डिप्टी कमिश्नर (DC) की अध्यक्षता में होगी अंतिम स्क्रीनिंग
दूसरी ओर, सतलुज क्लब प्रबंधन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से निराधार और गलत करार दिया है।
प्रबंधन का स्पष्टीकरण है कि मेंबरशिप वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं बरता गया है। प्रबंधन के अनुसार, जिला डिप्टी कमिश्नर (DC) सह क्लब प्रेसिडेंट की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली आधिकारिक स्क्रीनिंग समिति की बैठक के उपरांत ही पूरी तरह नियमानुसार परमानेंट मेंबरशिप अलॉट की जाएगी। फिलहाल इन आरोपों को लेकर क्लब की अंदरूनी राजनीति और मेंबरशिप प्रक्रिया पर विवाद निरंतर गहराता जा रहा है।