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अब लू (Heatwave) और बिजली गिरना भी प्राकृतिक आपदा घोषित! NDRF व SDRF से मिलेगा मुआवजा, केंद्र का लोकसभा में ऐलान

नई दिल्ली: देश में अत्यधिक गर्मी और मौसम के बदलते मिजाज के बीच केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब हीटवेव (लू) और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को एनडीआरएफ (NDRF) प्रोटोकॉल के तहत आधिकारिक रूप से ‘प्राकृतिक आपदा’ (Natural Disaster) माना जाएगा। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस नीतिगत निर्णय के लागू होने से अब इन घटनाओं से प्रभावित होने वाले नागरिकों और राज्यों को राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) तथा राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से आर्थिक सहायता एवं मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। अब तक राष्ट्रीय स्तर पर इन्हें आपदा सूची में सम्मिलित नहीं किया गया था, परंतु अब पीड़ितों को राहत मिलना सुगम हो जाएगा।

📜 16वें वित्त आयोग (2026-31) की सिफारिश पर लगी मुहर, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने साझा किए आंकड़े

जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती भीषण गर्मी व वज्रपात की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए 16वें वित्त आयोग (2026-31) ने इन दोनों घटनाओं को प्राकृतिक आपदाओं की सूची में जोड़ने का सुझाव दिया था, जिसे सरकार ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

लोकसभा में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। राज्य और केंद्र सरकारें अब अपने आपदा राहत कोष की धनराशि का उपयोग इन आपदाओं के प्रबंधन, रोकथाम और पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देने में कर सकेंगी।

📊 मार्च से जुलाई 2026 के बीच दर्ज हुए हीट स्ट्रोक के 4853 मामले, तेलंगाना व बंगाल सर्वाधिक प्रभावित

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026-31 की अवधि हेतु एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के नियमों में संशोधन कर लू और बिजली गिरने को शामिल कर लिया है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मार्च से जुलाई 2026 के मध्य देश भर में हीट स्ट्रोक के कुल 4,853 मामले दर्ज किए गए, जबकि इस दौरान हीट स्ट्रोक से 20 लोगों की दुखद मृत्यु हुई। देश में सर्वाधिक मामले तेलंगाना (915), तत्पश्चात पश्चिम बंगाल (733) तथा छत्तीसगढ़ (660) में सामने आए। अब इन पीड़ितों को SDRF व NDRF के माध्यम से आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु एक पारदर्शी नीति तैयार कर ली गई है।

⚡ अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की सूची में अब कुल 14 घटनाएं शामिल, राज्यों को मिली वित्तीय स्वतंत्रता

उल्लेखनीय है कि अब तक अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की आधिकारिक सूची में 12 घटनाएं शामिल थीं—जिनमें चक्रवात, सूखा, भूकंप, आग, बाढ़, सुनामी, ओला, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, कीड़ों का हमला और शीत लहर शामिल थीं।

अब हीटवेव (लू) और वज्रपात (बिजली गिरना) के जुड़ने से इस सूची में कुल 14 घटनाएं शामिल हो गई हैं। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य सरकारों को यह अधिकार मिल गया है कि वे राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) की उपलब्ध राशि का उपयोग लू और बिजली गिरने से प्रभावित नागरिकों के त्वरित उपचार, पुनर्वास और आर्थिक मुआवजे के लिए बेझिझक कर सकेंगी।