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बालाघाट: सेवा भारती आश्रम की 14 छात्राएं एक साथ बीमार! भोजन व मिठाई के बाद उल्टी-दस्त और बुखार, अस्पताल में भर्ती

बालाघाट (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सेवा भारती आश्रम में रहने वाली 14 बालिकाएं एक साथ अचानक बीमार पड़ गईं। रात्रि भोजन के साथ प्रसाद की मिठाई (पेड़े) का सेवन करने के उपरांत बालिकाओं में उल्टी-दस्त, तीव्र पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण उभरकर सामने आए। स्थिति बिगड़ते ही उन्हें तत्काल उपचार हेतु बालाघाट के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद सभी बालिकाओं की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और वे खतरे से बाहर हैं।

🍱 प्रसादी के पेड़े और रात्रि भोजन के बाद देर रात बिगड़ी बालिकाओं की तबीयत

उल्लेखनीय है कि सेवा भारती आश्रम में विशेष संरक्षित जनजातीय समुदाय की लगभग 70 बालिकाएं निवास करती हैं, जो स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अध्ययनरत हैं।

2 अगस्त की शाम पवार मंगल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम से प्रसादी के रूप में पेड़े आश्रम भेजे गए थे। आश्रम प्रबंधन ने रात्रि में भोजन के साथ ये पेड़े बालिकाओं में वितरित किए। इसके साथ ही रात के भोजन में दाल, चावल और कद्दू की सब्जी परोसी गई थी। भोजन और मिठाई ग्रहण करने के उपरांत देर रात सबसे पहले 3 बालिकाओं को पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

🏥 स्कूल पहुंचे बच्चों की भी बिगड़ी हालत, दोपहर तक अस्पताल में भर्ती छात्राओं की संख्या हुई 14

घटना के अगले दिन सोमवार सुबह तक बीमार बच्चियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती रही और दोपहर करीब 2 बजे तक कुल 14 बालिकाएं अस्पताल पहुंच गईं।

इनमें से कुछ बालिकाएं प्रातः सामान्य स्थिति समझकर स्कूल चली गई थीं, किंतु वहां कक्षा में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी तुरंत अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उपचाराधीन बालिकाओं ने बताया कि रविवार शाम उन्हें भ्रमण हेतु मोती उद्यान ले जाया गया था, जहां उन्होंने बाहर का कोई खाद्य पदार्थ ग्रहण नहीं किया था। आश्रम लौटने पर रात में बांटे गए पेड़े खाने के बाद से ही उन्हें पेट दर्द, दस्त और बुखार की समस्या शुरू हुई।

🩺 डॉक्टरों ने जताई फूड प्वाइजनिंग की आशंका, आश्रम अधीक्षिका ने मौसमी बीमारी बताया

इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार बालिकाओं में प्रथम दृष्टया फूड प्वाइजनिंग (Food Poisoning) जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

सभी का गहन उपचार किया जा रहा है और फिलहाल किसी भी बच्ची की हालत चिंताजनक नहीं है। दूसरी ओर, सेवा भारती आश्रम की अधीक्षिका भारती गौतम ने बताया कि “पवार मंगल भवन से आए पेड़े बच्चों में बांटे गए थे। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर बच्चियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।” हालांकि उन्होंने फूड प्वाइजनिंग की बात से इनकार करते हुए इसे सामान्य मौसमी बीमारी करार दिया।

🧪 स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जांच में जुटा, सैंपल रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

इस घटनाक्रम के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की विस्तृत जानकारी जुटाने में संलग्न हो गई है।

आश्रम में परोसे गए भोजन तथा प्रसादी के पेड़ों के सैंपल (नमूने) लेकर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ दूषित या मिलावटी पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिवकिरण रेड्डी ने बताया कि “सभी बालिकाओं का इलाज जारी है और स्थिति पर नजर रखने के लिए ब्लड टेस्ट कराए गए हैं।”