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विदिशा की लुहांगी पहाड़ी पर 126वें वर्ष संपन्न हुआ पारंपरिक वायु परीक्षण, जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

विदिशा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित ऐतिहासिक लुहांगी पहाड़ी पर हर साल गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महान खगोलविद वराहमिहिर के प्राचीन ग्रंथ ‘वराही संहिता’ की प्रामाणिक पद्धति से वायु परीक्षण किया जाता है।

इस बहुप्रतीक्षित दिन का स्थानीय निवासी साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं। गुरु पूर्णिमा की शाम को लुहांगी पहाड़ी पर विदिशा शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इस वर्ष लगातार 126वें साल यह पारंपरिक वायु परीक्षण संपन्न हुआ, जिसके आधार पर आगामी मानसून, देश भर में वर्षा की स्थिति और कृषि फसलों के उत्पादन को लेकर विस्तृत ज्योतिषीय भविष्यवाणी की गई।

📜 125 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा जारी, धर्माधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित हुआ परीक्षण

विदिशा के सर्वोच्च भौगोलिक स्थल राजेंद्रगिरि, जिसे जनसामान्य में लुहांगी पहाड़ी के नाम से जाना जाता है, पर 126 वर्षों से निरंतर चली आ रही इस अनूठी परंपरा का निर्वहन किया गया।

धर्माधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित इस परीक्षण के माध्यम से वर्षा के योग और कृषि उत्पादन का पारंपरिक आकलन किया गया। वरिष्ठ धर्माधिकारी स्व. पं. उमा शंकर चतुर्वेदी शास्त्री द्वारा लगभग 125 वर्ष पूर्व प्रारंभ की गई इस विद्या और परंपरा को उनके 126वें वर्ष में धर्माधिकारी गिरधर गोविंद प्रसाद शास्त्री ने पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया।

🌬️ कैसे किया जाता है वराही संहिता पद्धति से वायु परीक्षण? जानें प्रक्रिया और हवा का रुख

प्राचीन ज्योतिष शास्त्र के महान आचार्य वराहमिहिर कृत ग्रंथ ‘वराही संहिता’ में वर्णित वैज्ञानिक एवं पारंपरिक विधि के अनुसार वायु का परीक्षण किया गया।

परीक्षण की तय प्रक्रिया के अंतर्गत एक लंबी छड़ी के ऊपरी छोर पर पतले धागे से कपास (रूंई) बांधकर हवा की गति, दिशा और प्रवाह का सूक्ष्म अध्ययन किया गया। संध्या काल के समय वायु का प्रवाह पूर्व दिशा की ओर प्रवाहित होता हुआ पाया गया। धर्माधिकारी गिरधर गोविंद प्रसाद शास्त्री ने परिणाम की व्याख्या करते हुए बताया, “पूर्व दिशा की ओर वायु का निरंतर प्रवाह उत्तम और सुखद वर्षा का प्रबल संकेत देता है। इस वर्ष देश और अंचल में खंड वृष्टि (स्थान-विशेष पर रुक-रुक कर होने वाली बारिश) के साथ कुल मिलाकर पर्याप्त और अच्छी वर्षा का योग बन रहा है।”

🌾 किसानों के लिए खुशहाली और समृद्धि लाएगा यह वर्ष, गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

धर्माधिकारी गिरधर गोविंद प्रसाद शास्त्री ने आगे जानकारी देते हुए कहा, “इस वर्ष बेहतर और संतुलित मानसून के प्रभाव से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। यह वर्ष देश और प्रदेश के अन्नदाताओं (कृषकों) के लिए खुशहाली, आर्थिक उन्नति एवं समृद्धिदायक सिद्ध होगा।”

इस पारंपरिक वायु परीक्षण कार्यक्रम के दौरान समाज और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इस अवसर पर ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञ पं. केशव चतुर्वेदी, वास्तु विशेषज्ञ डॉ. कपिल चतुर्वेदी, सनातन हिंदू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. अतुल तिवारी तथा मयंक सक्सेना सहित अनेक गणमान्य नागरिक साक्षी बने।