ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

रुद्रप्रयाग बाईपास टनल के बाहर भूस्खलन! DM विशाल मिश्रा ने किया निरीक्षण, मुख्य टनल सुरक्षित

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): उत्तराखंड के पर्वतीय जिले रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम मार्ग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रुद्रप्रयाग बाईपास टनल के बाहरी हिस्से में भूस्खलन (Landslide) होने का मामला सामने आया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को 910 मीटर लंबी इस बाईपास टनल का मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित क्षेत्र की विस्तृत जांच करने के कड़े निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार जारी बारिश के कारण टनल के बाहरी स्लोप ट्रीटमेंट (Slope Treatment) वाले क्षेत्र में पहाड़ी से भूस्खलन हुआ है। इस कारण टनल परिसर में बने जनरेटर रूम की छत को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने यात्रियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि टनल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और इसके भीतर से वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है, इसलिए यात्रियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

🔎 भू-वैज्ञानिक करेंगे वैज्ञानिक सर्वेक्षण, निर्माण एजेंसी को स्लोप ट्रीटमेंट दोबारा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी टीम और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित पहाड़ी का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने तथा ढलान की स्थिरता का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

डीएम ने जानकारी दी कि यह पूरी परियोजना अभी डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (Defect Liability Period) के अंतर्गत आती है। ऐसे में निर्माण कार्य से जुड़ी संबंधित कार्यदायी एजेंसी को प्रभावित हिस्से की अविलंब मरम्मत करने और स्लोप ट्रीटमेंट का काम दोबारा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं व यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।

⚠️ सुरक्षा मानकों के पालन का कड़ा निर्देश, आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर प्रशासन

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने उपस्थित अधिकारियों को टनल स्थल की चौबीसों घंटे निगरानी रखने, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराने और बारिश के दौरान किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने दोहराया कि भू-वैज्ञानिकों की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कदम तत्काल उठाए जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के डीजीएम करन, लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड) के सहायक अभियंता सौरव ढौंडियाल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल टनल पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात सुचारू है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।