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मालिक की फोटो लगाकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, लुधियाना पुलिस ने जोधपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार

लुधियाना: कंपनी के असली मालिक की फोटो (DP Fraud) लगाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने के एक बेहद बड़े और हाई-प्रोफाइल मामले में लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मैनेजर को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मानवेंद्र सिंह, निवासी जोधपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी का अदालत से रिमांड हासिल कर लिया था। इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और डिजिटल सबूतों तथा बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब तक पीड़ित कारोबारी के करीब 18 लाख रुपये सफलतापूर्वक रिकवर (होल्ड) करवा चुकी है।

💻 फर्जी फर्म बनाकर दिया बिजनेस डील का झांसा, ऐंठ लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये

मामले का विस्तृत खुलासा करते हुए लुधियाना साइबर सेल के इंचार्ज सतबीर सिंह और एस.आई. हरिंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी मानवेंद्र सिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सबसे पहले एक फर्जी फर्म तैयार की थी। इसके बाद उसने कंपनी के असली मालिक की फोटो सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर लगाकर उसके ही मैनेजर से संपर्क साधा।

आरोपी ने किसी अन्य नामी फर्म के साथ बड़ी बिजनेस डील होने का झांसा दिया और मैनेजर को गुमराह करके करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये अलग-अलग संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर ठगी कर ली। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर आधुनिक तकनीकी सर्विलांस के जरिए जांच शुरू की। जांच में आरोपी का नाम और लोकेशन सामने आई, जिसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान दबिश देकर उसे काबू कर लिया।

📞 साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत दें सूचना, लुधियाना पुलिस प्रशासन ने कारोबारियों को किया अलर्ट

इस बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता और विशेष रूप से उद्योगपतियों व कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि वॉट्सऐप या किसी अन्य माध्यम पर मालिक, अधिकारी या परिचित की फोटो लगे अनजान नंबर से पैसे मांगने या बिजनेस ट्रांसफर की कॉल/मैसेज आने पर पहले व्यक्तिगत रूप से उसकी पुष्टि जरूर कर लें।

किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की स्थिति में बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर डेस्क से संपर्क स्थापित करें।