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पानीपत के पार्क अस्पताल में इलाज में गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़ा, पैर का इलाज कराने आई महिला की मौत पर डॉक्टरों पर FIR दर्ज

पानीपत: हरियाणा के पानीपत शहर स्थित जीटी रोड पर बने पार्क अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही, धोखाधड़ी और कथित फर्जीवाड़े का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में घायल हुई एक महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

मृतका के परिजनों का गंभीर आरोप है कि महिला के पैर की हड्डी टूटी थी, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को बिना कोई जानकारी दिए और बिना पूर्व अनुमति के उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिल में स्टेंट (छल्ला) डालने की जानलेवा प्रक्रिया कर दी। इस पूरे मामले में थाना सेक्टर-29 पुलिस ने पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर पार्क अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी व लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🏥 एक्सीडेंट में पैर की हड्डी टूटने पर हुई थी भर्ती, घर पहुंची केवल मौत की खबर

मामले की जानकारी देते हुए शिकायतकर्ता कुलदीप ने पुलिस को बताया कि 24 जुलाई को उनकी माता जी गुड्डी देवी एक सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर डॉक्टरी इलाज के लिए जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिजनों को उम्मीद थी कि पैर का उचित इलाज होने के बाद उनकी मां पूरी तरह ठीक होकर सकुशल घर लौट आएंगी, लेकिन अस्पताल से केवल उनकी मौत की बेहद दर्दनाक खबर ही घर पहुंची।

✒️ फर्जी हस्ताक्षर कर बिना अनुमति दिल में डाला स्टेंट, परिजनों को धमकाने का भी लगा आरोप

मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उनसे कोई अनुमति नहीं ली और उनके जाली (फर्जी) हस्ताक्षर बनाकर महिला के दिल में छल्ला डाल दिया। इस अनावश्यक प्रक्रिया के बाद इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया।

परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर आपस में मिलीभगत, चिकित्सकीय लापरवाही और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना सेक्टर-29 में लिखित शिकायत सौंपी है। पुलिस ने परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।