‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में खुलासे
चंडीगढ़: हरियाणा ने क्षय रोग (टी.बी.) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए ‘टी.बी. मुक्त भारत ऐप’ पर 35,229 पंजीकरणों के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही राज्य में टी.बी. प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) का कवरेज बढ़कर 49 प्रतिशत, एन.ए.ए.टी. (NAAT) आधारित मॉलिक्युलर जांच का कवरेज 67 प्रतिशत तथा पात्र मरीजों के लिए डिफरेंशिएटेड टी.बी. केयर का कवरेज 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी आज मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित 100-दिवसीय टी.बी. उन्मूलन अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई।
💊 टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) में तेजी, 14 जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि टी.बी. प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। औषधि-संवेदनशील (Drug-Sensitive) फेफड़ों की टी.बी. से पीड़ित मरीजों के 44,574 पात्र पारिवारिक संपर्कों में से 21,697 व्यक्तियों (49 प्रतिशत) को निवारक उपचार (Preventive Treatment) प्रदान किया जा चुका है, जबकि अभियान की शुरुआत में यह कवरेज केवल 31 प्रतिशत था। राज्य के 14 जिले इस मामले में 50 प्रतिशत से अधिक का कवरेज प्राप्त कर चुके हैं।
🩺 4,700 से अधिक स्क्रीनिंग कैंप में 5.3 लाख लोगों की हुई जांच, मॉलिक्युलर टेस्ट में 67% तक की बढ़ोतरी
अधिकारियों ने जानकारी दी कि अभियान के तहत अब तक 4,711 स्क्रीनिंग कैंपों के माध्यम से 5,31,178 संवेदनशील व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। अभियान के दौरान अब तक 1.50 लाख से अधिक एन.ए.ए.टी. (NAAT) जांचें की जा चुकी हैं, जिससे मॉलिक्युलर जांच कवरेज 42 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया है। साथ ही, 31,849 पात्र टी.बी. मरीजों में से 22,571 मरीजों (71 प्रतिशत) को डिफरेंशिएटेड टी.बी. केयर के दायरे में सफलतापूर्वक लाया गया है।