ब्रेकिंग
Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि... Delhi Green Drive Portal: दिल्ली को 'ग्रीन और क्लीन' बनाने की बड़ी पहल, CM रेखा गुप्ता ने किया पोर्टल...

Amritsar Central Jail: जेल वार्डर गिरफ्तार, भारी मात्रा में अफीम और नशीले पदार्थ बरामद; कैदियों तक सप्लाई की थी तैयारी

अमृतसर की केंद्रीय जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जेल में तैनात जेल वार्डर रोबिनप्रीत सिंह को जेल प्रशासन ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों और मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया है। वार्डर के कब्जे से 79.40 ग्राम अफीम, विभिन्न प्रकार के नशीले पाउडर, कूल-लिप, तंबाकू और नशा स्नीफिंग पेपर के साथ-साथ एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

🔗 हवालाती राहुल को होनी थी डिलीवरी

अतिरिक्त जेल सुपरिंटेंडेंट साहिब सिंह की शिकायत पर थाना इस्लामाबाद पुलिस ने रोबिनप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर बंद हवालाती राहुल कुमार को सौंपा जाना था। पुलिस ने अब हवालाती राहुल को भी इस मामले में नामजद कर लिया है।

🐑 ‘काली भेड़ों’ पर प्रशासन की पैनी नजर

लंबे समय से जेल के अंदर मोबाइल और नशीले पदार्थों के पहुंचने की खबरें चर्चा में थीं। प्रशासन ने जेल में तैनात उन ‘काली भेड़ों’ की पहचान शुरू कर दी है जो सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। वार्डर की गिरफ्तारी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस अब वार्डर और हवालाती को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे उन अन्य चेहरों का खुलासा हो सके जो इस अवैध नेटवर्क में वार्डर का साथ दे रहे थे।

🔍 गहन जांच जारी

जेल प्रशासन इस पूरे मामले की अत्यंत गंभीरता से जांच कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जेल के भीतर इस तरह की अवैध गतिविधियां कब से चल रही थीं और इस गिरोह के तार और कहां तक जुड़े हैं। वार्डर की गिरफ्तारी के बाद अब जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।