झारखंड के पलामू से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक ही परिवार के 5 सदस्यों की महज 10 दिनों के भीतर मौत हो गई है। इस खौफनाक घटना से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। शुरुआती जांच में स्वास्थ्य अधिकारियों ने आशंका जताई है कि पूरा परिवार ‘एपिडेमिक ड्रॉप्सी’ (Epidemic Dropsy) नामक एक खतरनाक बीमारी की चपेट में आ गया था, जो अक्सर मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से होती है।
यह मामला पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव का है। मृतकों में परिवार के मुखिया कुलदीप महतो (50 वर्ष), बेटा नकुल महतो (20 वर्ष), बेटियां बबीता कुमारी (20 वर्ष) व इंदु कुमारी, और बहू श्वेता देवी (28 वर्ष) शामिल हैं।
🗓️ 10 दिनों का खौफनाक सिलसिला
मौत का यह सिलसिला 19 जून से शुरू हुआ और 29 जून तक 5 लोगों की जान ले चुका था। फिलहाल, परिवार की एक बुजुर्ग महिला लाखो देवी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही हैं।
🧪 एपिडेमिक ड्रॉप्सी और मिलावटी तेल का कनेक्शन
रांची के रिम्स अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार, यह विषाक्त स्थिति सरसों के तेल में ‘आर्जिमोन मेक्सिकाना’ (सत्यानाशी के बीज) के तेल की मिलावट के कारण हो सकती है। इसके सेवन से अंगों में सूजन और दिल व फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ता है। मौत की आधिकारिक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।
🔮 तांत्रिक के ‘चूर्ण’ और अंधविश्वास का खतरा
पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह परिवार अंधविश्वास के जाल में फंसा था। करीब छह महीने पहले एक सदस्य के बीमार होने पर वे डॉक्टर के बजाय तांत्रिक के पास गए थे। तांत्रिक द्वारा दिए गए ‘चूर्ण’ को सरसों के तेल में मिलाकर इस्तेमाल करना ही इस त्रासदी की बड़ी वजह मानी जा रही है।
👮 प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने घर से सरसों तेल, संदिग्ध चूर्ण और अन्य रसद के नमूने जब्त कर फॉरेंसिक लैब भेजे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अंधविश्वास से दूर रहें।