नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक 11 वर्षीय बच्ची के अपहरण और वीभत्स हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मामले में कैब ड्राइवर बाशु कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने 22 जून की तड़के छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही बच्ची को निशाना बनाया था।
🚔 कैसे अंजाम दी वारदात?
आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से कार को फुटपाथ के करीब पार्क किया और सो रही बच्ची को उठाकर कार में डाल दिया। बच्ची के पिता ने उसे कार में ले जाते हुए देख लिया था और डंडा फेंककर उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी तेजी से गाड़ी भगा ले गया। बच्ची को फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को पत्थरों के नीचे छिपा दिया गया।
🔍 CCTV ने खोला आरोपी का राज
घटना के समय पुलिस के पास केवल एक ही सुराग था कि वाहन की नंबर प्लेट पीले रंग की थी। पुलिस ने आसपास के दर्जनों CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी के रूट की पहचान की। गिरफ्तारी के बाद यह भी पता चला कि वारदात के कुछ ही घंटों बाद आरोपी ने अपने कपड़े बदले और वापस काम पर निकल गया था, मानो कुछ हुआ ही न हो।
⚖️ आरोपी का आपराधिक इतिहास और मेडिकल जांच
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बाशु कुमार बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है और उस पर बिहार में भी हत्या के प्रयास समेत पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने पूछताछ में खुद को नपुंसक बताया है और मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि भी हुई है। हालांकि, उसके बिहार में दो छोटे बच्चे भी हैं, जिससे पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
🛡️ कैब कंपनियों पर गिरेगी गाज
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस अब उन कैब एग्रीगेटर कंपनियों को नोटिस भेजने की तैयारी में है, जिनके साथ आरोपी जुड़ा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाशु कुमार का वेरिफिकेशन (सत्यापन) कैसे हुआ और उसकी नियुक्ति प्रक्रिया में क्या खामियां थीं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश करने के आरोप में उस पर एक अतिरिक्त केस भी दर्ज हुआ है।