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Maharashtra Politics: संजय देशमुख के पाला बदलने की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे का वाशिम दौरा; पार्टी को एकजुट करने की चुनौती

महाराष्ट्र: शिवसेना (यूबीटी) में हुई बड़ी टूट के बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे अब सीधे मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ठाकरे ने बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा करने का फैसला किया है। इस दौरे की शुरुआत 27 जून को यवतमाल-वाशिम और हिंगोली से होगी, जिसके बाद 28 जून को परभणी और धाराशिव तथा 29 जून को शिर्डी में वे कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

📍 वाशिम दौरे पर टिकी नजरें

यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के शिंदे गुट में शामिल होने की तेज होती चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उद्धव ठाकरे का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और बागी सांसदों के प्रभाव को कम करना उनके लिए बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि इस दौरे के दौरान ठाकरे न केवल पार्टी को फिर से खड़ा करने का संदेश देंगे, बल्कि बागी नेताओं को लेकर अपना रुख भी स्पष्ट करेंगे।

📉 बागी सांसदों के आरोप और ठाकरे का रुख

पार्टी छोड़ने वाले बागी नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व, कार्यशैली और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के जवाब में 19 जून को पार्टी के स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा, “जब तक मेरे सामने लाखों शिवसैनिक हैं, मैं लड़ता रहूंगा। लेकिन जिस दिन शिवसैनिक कहेंगे कि अब रुक जाइए, मैं पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ दूंगा।”

🛡️ मुंबई से बाहर निकलकर जड़ें मजबूत करने की कोशिश

पार्टी में मचे इस आंतरिक घमासान के बीच, उद्धव ठाकरे का यह दौरा कार्यकर्ताओं को यह अहसास दिलाने की कोशिश है कि वे उनके साथ हैं। मुंबई से बाहर निकलकर सीधे निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंचना ठाकरे की रणनीति का हिस्सा है ताकि वे जमीन स्तर पर अपनी पकड़ दोबारा मजबूत कर सकें। शिवसैनिकों में भी अब नई ऊर्जा भरने के लिए मुंबई सहित अन्य जिलों में मोर्चा बनाना शुरू कर दिया गया है।