ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म... महाराष्ट्र में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 'ऑपरेशन 1930 साइबर सेफ्टी' के तहत 803 प्रोएक्... ठाणे के कापूरबावडी में करोड़ों की संपत्ति पर अवैध तोड़फोड़ का आरोप: बिना नोटिस कार्रवाई से पीड़ित पर...

Ujjain Power Department Negligence: उज्जैन में बिजली खंभे में करंट उतरने से 8 बकरों की मौत; विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। जूना सोमवारिया क्षेत्र में शनिवार शाम बारिश के दौरान एक बिजली के खंभे में अचानक करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से आठ बकरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

🐐 कैसे हुआ हादसा?

शनिवार शाम जब कुछ चरवाहे बकरों के झुंड को चराकर घर लौट रहे थे, तभी वे क्षेत्र में स्थित एक बिजली के खंभे के पास पहुंचे। खंभे में पहले से ही करंट फैला हुआ था, जिसकी जानकारी न तो चरवाहों को थी और न ही स्थानीय लोगों को। झुंड के खंभे के पास पहुंचते ही बकरे करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से अन्य बकरों को बचाया जा सका, लेकिन तब तक 8 बकरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

😡 स्थानीय लोगों का विभाग पर गंभीर आरोप

घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय पार्षद इमरान खान और आक्रोशित निवासियों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं। पार्षद ने कहा, “बकरों के मालिक अत्यंत गरीब हैं और मजदूरी कर अपना परिवार पालते हैं। इस हादसे से उन पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है।” उन्होंने सरकार से पीड़ितों को तत्काल उचित मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

🚨 पुलिस और प्रशासन का रुख

घटना की सूचना मिलते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पहले की गई शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। यह घटना न केवल विभाग के रखरखाव पर सवाल उठाती है, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता का बड़ा विषय बन गई है।