ब्रेकिंग
छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... कांवड़ सेवा से समाज में सेवा, संस्कार और सहयोग की भावना मजबूत होती है : Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच...

Ram Mandir Trust Investigation: चंदा चोरी के आरोपों पर योगी सरकार सख्त; CM बोले- ‘अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए मिल रहे चंदे में कथित गबन और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सूबे की राजनीति में उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया था। आज जांच का छठा दिन है और सूत्रों के अनुसार, SIT की टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए लखनऊ लौट सकती है।

🛡️ क्या है SIT जांच का दायरा?

14 जून को गठित तीन सदस्यीय SIT, जिसमें आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं, मामले के हर पहलू को खंगाल रही है। टीम ने अब तक:

  • राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की है।

  • डोनेशन काउंटिंग से जुड़े कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं।

  • संबंधित बैंकों से लेन-देन का रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की है।

📢 CM योगी का कड़ा रुख: ’15 दिन का और करें इंतज़ार’

अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा। उन्होंने कहा, “हमने 500 साल इंतजार किया, अब 15 दिन और इंतजार कीजिए।” सीएम ने यह भी चेतावनी दी कि अयोध्या को बदनाम करने और राम जन्मभूमि मंदिर की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बेबुनियाद टिप्पणियों से बचने की अपील की है।

⚔️ राजनीतिक घमासान: सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष

यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर तंज कसा और उनकी अयोध्या यात्राओं की भी जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की है। इससे पूर्व, सपा नेता पवन पांडे ने 7.5 करोड़ रुपये के चंदे में गबन का आरोप लगाकर सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की थी।