ब्रेकिंग
Bina News: बेटे की मौत के बाद बुजुर्ग ससुर को बनाया निशाना; बहू-प्रेमी ने छीने [Aadhaar Redacted] और... Telegram Ban in India: दिल्ली हाई कोर्ट का टेलीग्राम को बड़ा झटका; NEET-UG 2026 परीक्षा तक बैन रहेगा ... Skanda Shashti 2026: स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय को लगाएं ये विशेष भोग; मिलेगा शत्रुओं पर विजय का... Mobile Data या WiFi: फोन की बैटरी बचाने के लिए कौन सा विकल्प है बेहतर? जानें तकनीकी कारण Netweb Technologies Growth: AI का 'पावरहाउस' बनी नेटवेब टेक्नोलॉजीज; 90% की कमाई उछाल और शून्य कर्ज ... Moscow Drone Attack: यूक्रेन का मॉस्को पर सबसे बड़ा हमला; रूसी S-400 सिस्टम क्यों हुआ फेल? Deepika Padukone News: 'कॉकटेल' प्रमोशन के दौरान दीपिका का बेबाक बयान चर्चा में; जानें क्या कहा था ए... Harshit Rana Returns: चोट से उबरकर हर्षित राणा की धमाकेदार वापसी; चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान के खिल... Karnataka MLC Election Results: डी.के. शिवकुमार की पहली बड़ी जीत; विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस का द... Andhra Pradesh News: चित्तूर में मेले के दौरान रोकी गई भैंस की बलि; प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से ब...

Tej Pratap Yadav Controversy: पूर्व मंत्री तेज प्रताप के खिलाफ FIR दर्ज; आकाश यादव ने लगाए घर में घुसकर धमकाने के गंभीर आरोप

पटना: राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में आकाश यादव की शिकायत पर तेज प्रताप यादव और मोती लाल यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व मंत्री ने उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश की और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

📞 ‘लॉरेंस बिश्नोई’ का नाम लेकर धमकी का दावा

आकाश यादव ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि 6 जून को जब वे घर पर नहीं थे, तब तेज प्रताप यादव उनके आवास पर पहुंचे। आकाश के अनुसार, बाद में उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें मंत्री के खिलाफ न बोलने की चेतावनी दी। आकाश का कहना है कि उन्होंने इस फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश कर दी है।

🛡️ तेज प्रताप ने आरोपों को नकारा, बताया ‘सुनियोजित साजिश’

दूसरी ओर, तेज प्रताप यादव ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और तथ्यहीन मामला है। तेज प्रताप ने सफाई देते हुए कहा:

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को मैंने अभद्र और असामाजिक व्यवहार के लिए कानूनी नोटिस भेजा, उसने प्रतिशोध में आकर मेरे खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराने की कोशिश की। यह मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा और जनविश्वास को धूमिल करने की एक सुनियोजित साजिश है।”

🔍 पुलिस जांच जारी

पाटलिपुत्र पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों (जैसे फोन रिकॉर्डिंग) का मिलान करेगी। इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है।