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Dharam Singh Chhokar Bail: पूर्व विधायक की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; होमबायर्स को मुआवजा देने की मांगी ठोस योजना

नई दिल्ली: 616 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हरियाणा के समालखा से कांग्रेस के पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय होमबायर्स के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आरोपी को जमानत मिलना मुश्किल है।

📋 कोर्ट ने माँगा हलफनामा और संपत्ति का ब्योरा

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने छौक्कर के वकील से कहा कि वे एक हलफनामा दाखिल करें। इसमें स्पष्ट होना चाहिए कि हजारों होमबायर्स के दावों का निपटारा किस प्रकार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने छौक्कर, उनके बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों की सभी संपत्तियों का पूरा विवरण, उन पर मौजूद कर्ज और दस्तावेजों के साथ पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को निर्धारित की गई है।

🔍 क्या है मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, माहिरा ग्रुप की किफायती हाउसिंग परियोजनाओं के नाम पर हजारों लोगों से फ्लैट के बदले बड़ी रकम जुटाई गई थी। आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में करने के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पैसे से करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदी गईं और 616 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) का प्रयास किया गया।

🚫 हाईकोर्ट पहले ही कर चुका है जमानत खारिज

इससे पहले अप्रैल 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी गंभीर अपराध, सबूतों की प्रकृति और आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए धर्म सिंह छौक्कर की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने माना था कि होमबायर्स के धन का दुरुपयोग प्रथम दृष्टया एक गंभीर मामला है।