Child Labour Case: बाल श्रम के खिलाफ खंडवा प्रशासन सख्त; बीयर बार संचालक पर FIR, बच्चों का होगा पुनर्वास
खंडवा: बाल कल्याण समिति (CWC) खंडवा ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाले एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित एक बीयर बार से खंडवा के खालवा क्षेत्र के तीन नाबालिग बालकों (उम्र 14-15 वर्ष) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इन बच्चों को रोजगार के झूठे लालच में फंसाकर पिछले दो-तीन महीनों से बीयर बार में ग्राहकों को शराब परोसने और अन्य श्रम कार्य करने पर मजबूर किया जा रहा था।
⛓️ बंधुआ मजदूरी जैसी थी स्थिति
प्रारंभिक जांच और काउंसलिंग में सामने आया है कि इन बच्चों को जिस परिस्थिति में रखा गया था, वह बंधुआ मजदूरी के समान थी। खंडवा लाने के बाद बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने इन बच्चों की मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक काउंसलिंग की। समिति अब इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया में जुटी है, ताकि वे अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें।
⚖️ बार संचालक पर सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत संबंधित बीयर बार संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। समिति ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से इस तरह के प्रतिष्ठानों में काम करवाना एक गंभीर दंडनीय अपराध है और इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
📢 आमजन से अपील
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व करने वाले समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम या शोषण की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें। श्रम विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन बच्चों को सरकारी पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और उनका विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।