भोपाल: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में भोपाल के मेडिकल एजुकेशन विभाग में तैनात अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) हीरो केसवानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने उनकी लगभग 1.47 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू किया गया था।
💰 छापेमारी में बरामद हुआ था लाखों का कैश
जांच में खुलासा हुआ कि 1 जनवरी 2005 से 3 अगस्त 2022 के बीच केसवानी ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। EOW की छापेमारी के दौरान उनके घर से 86.73 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिसके स्रोत के बारे में क्लर्क कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आगे की जांच में पाया गया कि उनकी कुल अर्जित संपत्ति उनकी आय से लगभग 286 प्रतिशत अधिक थी।
🕵️ पत्नी और परिवार के नाम पर किया गया निवेश
ED की जांच में सामने आया है कि हीरो केसवानी ने अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए ‘लेयरिंग’ का सहारा लिया था। उन्होंने अधिकांश अवैध निवेश अपनी पत्नी के नाम पर किए थे, जबकि पत्नी का कोई स्वतंत्र आय स्रोत नहीं था। इसके अलावा, स्वामित्व छिपाने के लिए उन्होंने कई संपत्तियां अपने अन्य परिवार के सदस्यों के नाम पर भी खरीदी थीं।
⚖️ अपराध की कमाई (Proceeds of Crime)
एजेंसी के अनुसार, बैंक खातों के विश्लेषण में भारी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन और नकद जमा होने के प्रमाण मिले हैं। विभाग को आय का सही ब्यौरा न देना और गलत तरीके से संपत्ति बनाना इस मामले की मुख्य जड़ है। ED ने स्पष्ट किया है कि अटैच की गई सभी संपत्तियां ‘अपराध से अर्जित आय’ का हिस्सा हैं, जिन्हें बेचने या छिपाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।