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CBI Action on CREST: बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों पर FIR; चंडीगढ़ फंड गबन केस में पहली चार्जशीट

चंडीगढ़: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) से जुड़े 75.34 करोड़ रुपये के कथित फंड गबन मामले में अपनी पहली चार्जशीट विशेष CBI अदालत में पेश कर दी है। इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और निजी संस्थाएं शामिल हैं।

🕵️ कौन-कौन हैं आरोपी?

जांच एजेंसी द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • IDFC फर्स्ट बैंक के 5 अधिकारी।

  • CREST (चंडीगढ़ प्रशासन) के 2 सरकारी कर्मचारी।

  • 2 शेल कंपनियां (फर्जी कंपनियां)।

  • 4 अन्य निजी व्यक्ति। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और एजेंसी वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

📂 क्या है पूरा मामला?

CBI की जांच में सामने आया है कि CREST के बैंक खातों से आपराधिक साजिश के तहत 75.34 करोड़ रुपये की सरकारी राशि निकाली गई। आरोप है कि बैंक के अधिकारियों ने CREST के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर मिलीभगत की और इस बड़ी रकम को विभिन्न निजी संस्थाओं तक पहुंचाया। आरोपियों पर IPC की गंभीर धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

🔍 CBI की जांच के दायरे में 3 बड़े मामले

CBI वर्तमान में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तीन बड़े मामलों की समानांतर जांच कर रही है:

  1. हरियाणा सरकार के 8 विभागों से जुड़ा बैंक फ्रॉड: (17 आरोपियों के खिलाफ 2 चार्जशीट दाखिल)।

  2. चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड मामला: (7 आरोपियों के खिलाफ 1 चार्जशीट दाखिल)।

  3. CREST चंडीगढ़ गबन मामला: (13 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल)।

🛡️ निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध

जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम जारी रहेगी। CBI का कहना है कि वे इस मामले में शामिल नेटवर्क और लाभार्थियों की पड़ताल कर रहे हैं। आने वाले समय में मामले से जुड़ी और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।