Ranchi Traffic News: रांची में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी; 5 महीने में कटे 33 करोड़ के चालान, बिना हेलमेट चालक सबसे आगे
रांची: राजधानी रांची में दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों की लापरवाही हर दिन ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे जा रहे हजारों चालानों के रूप में सामने आ रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग हेलमेट पहनने और सही जगह पार्किंग करने में कोताही बरत रहे हैं, जिससे न केवल आर्थिक दंड बढ़ रहा है, बल्कि सड़क हादसों में युवाओं की जान भी जा रही है।
💰 33 करोड़ का जुर्माना और हर दिन का रिकॉर्ड
पिछले पांच महीनों के भीतर रांची पुलिस ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में 33 करोड़ रुपये से अधिक के चालान काटे हैं। अधिकांश चालान ऑटोमैटिक कैमरों के माध्यम से जनरेट किए गए हैं। केवल जून के शुरुआती 12 दिनों में ही चालान का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया है।
| तारीख | बिना हेलमेट (संख्या) | नो-पार्किंग (संख्या) |
| 02 जून | 1804 | 1200 |
| 03 जून | 1902 | 1381 |
| 04 जून | 1963 | 1059 |
| 05 जून | 1782 | 1286 |
| 06 जून | 2082 | 1176 |
| 07 जून | 1234 | 866 |
| 08 जून | 1479 | 1818 |
| 09 जून | 2014 | 1555 |
| 10 जून | 1969 | 1232 |
| 11 जून | 1668 | 1317 |
| 12 जून | 1484 | 1394 |
| 13 जून | 2355 | 1238 |
⚠️ हेलमेट और नो-पार्किंग से बढ़ रहे हादसे
रांची में हर महीने औसतन 40 से 45 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह के अनुसार, ज्यादातर मौतें हेलमेट न पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने से होती हैं। वहीं, शहर में जाम की सबसे बड़ी वजह ‘नो-पार्किंग’ है, जिसके कारण हर दिन हजारों चालान काटे जा रहे हैं।
🛡️ ‘डर से नहीं, सुरक्षा के लिए पहनें हेलमेट’
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह का कहना है कि पुलिस का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरा सर्विलांस के कारण अब सड़क पर चेकिंग की जरूरत कम है, लेकिन लोगों में जागरूकता लाने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ रही है। उन्होंने अपील की है कि चालक और पीछे बैठने वाला (पिलियन राइडर), दोनों ही हेलमेट का प्रयोग करें ताकि सड़क हादसों की गंभीरता को कम किया जा सके।