Land Record Fraud in Sheopur: कराहल में पटवारी ने अपनी आईडी का किया गलत इस्तेमाल; आदिवासी किसानों की जमीन का रिकॉर्ड बदला
श्योपुर: कराहल तहसील में एक पटवारी के कारनामों ने राजस्व महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पटवारी चंद्रकांत सोनी ने अपनी डिजिटल आईडी का दुरुपयोग करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में अवैध बदलाव किए, जिससे कई वैध किसानों के नाम हटाकर उनकी जगह अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए। मामला सामने आते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।
📉 आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश
मामला ग्राम गोठरा के 21 सर्वे नंबरों से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2024-25 तक जिन जमीनों पर आदिवासी और पटेलिया समाज के किसानों के नाम दर्ज थे, उन्हें बिना किसी वैध कानूनी आदेश के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। पटवारी ने 2 फरवरी 2026 से 2 मार्च 2026 के बीच अपनी आईडी का इस्तेमाल कर अस्पष्ट आदेश अपलोड किए और अहस्तांतरणीय (विक्रय वर्जित) भूमि को भूमि स्वामी के रूप में दर्ज कर दिया।
⚖️ प्रशासन का एक्शन और सुधार के आदेश
अनुविभागीय अधिकारी (SDO) बीएस श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हल्का नंबर 10 के पटवारी चंद्रकांत सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, गोरस तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी पटवारी के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए। न्यायालय के आदेशानुसार, अवैध नामों को हटाकर वर्ष 2024-25 के मूल किसानों के नाम और रकबा पुनः दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🔎 पारदर्शिता पर उठते सवाल
यह घटना सरकारी तंत्र में डिजिटल आईडी के सुरक्षित इस्तेमाल और अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। प्रशासन ने अब उन सभी रिकॉर्ड्स की दोबारा जांच शुरू कर दी है, जिनमें हाल ही में बदलाव किए गए हैं। इस कार्रवाई से उन किसानों को बड़ी राहत मिली है जिनकी जमीन के साथ छेड़छाड़ की गई थी।