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Health Services in Deoghar: देवघर-दुमका हाईवे पर स्थित स्वास्थ्य केंद्र बदहाल; भवन तैयार, पर ताले में बंद है सेवाएं

देवघर: देवघर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। इसका जीवंत उदाहरण है देवघर-दुमका-बासुकीनाथ नेशनल हाईवे पर स्थित खड़गडीहा स्वास्थ्य उपकेंद्र। ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के रूप में विकसित इस केंद्र का भवन तो बनकर तैयार है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं गायब हैं। केंद्र अधिकांश समय बंद ही रहता है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

🚧 निर्माण पूरा, संचालन ठप: ग्रामीण और हाईवे यात्री परेशान

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, केंद्र का निर्माण कार्य करीब तीन-चार साल पहले ही पूरा हो चुका था, लेकिन आज तक यह नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य कर्मी महीने में बमुश्किल सात-आठ दिन ही आते हैं। केंद्र बंद रहने से हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के लिए भी कई किलोमीटर दूर देवघर या दुमका दौड़ना पड़ता है।

⏳ ‘गोल्डन आवर’ और प्राथमिक उपचार का संकट

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शरद कुमार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का सक्रिय होना जीवन रक्षक है। दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन आवर’ में यदि प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। खड़गडीहा जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर उपकेंद्र का बंद रहना इस ‘गोल्डन आवर’ की अहमियत को नजरअंदाज करना है।

🔍 सिविल सर्जन ने माना, जल्द सुधार का आश्वासन

इस लापरवाही के संज्ञान में आने के बाद देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने माना कि खड़गडीहा स्वास्थ्य उपकेंद्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इसके बंद रहने की जानकारी नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से त्वरित कार्रवाई और केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराने का कड़ा आश्वासन दिया है।