ब्रेकिंग
Corruption Case: नकली दवा घोटाले का आरोपी और इंस्पेक्टर गिरफ्तार; CBI ने किया 3 करोड़ की रिश्वत के न... Mussoorie Road Accident: मसूरी में दर्दनाक हादसा; ब्रेक फेल होने से 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, ... Sayani Ghosh Political Journey: ममता बनर्जी की 'शिष्या' सयानी घोष का हृदय परिवर्तन; टीएमसी छोड़ एनडीए... Roorkee Crime News: जेल के सामने दिन-दहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग; बदमाशों ने मचाया आतंक, सीसीटीवी में कैद... West Bengal BJP Government: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया विभागों का बंटवारा; जानें किसे मिला ... Allahabad High Court on UP Police: पुलिस हिरासत पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी; युवक को अवैध रूप से रखने प... Ranchi Crime News: 20 हजार की चोरी के आरोप में युवक के साथ हैवानियत; खौलते गोबर के पानी में डलवाए हा... Indian Navy Power: नौसेना को मिलेगी अभेद्य सुरक्षा; 449 करोड़ के स्वदेशी 'सैटेलाइट जैमर्स' के लिए रक... West Bengal Political Crisis: टीएमसी में फूट! काकोली घोष दस्तीदार और शत्रुघ्न सिन्हा समेत 19 सांसदों... Thane News: जुपिटर हॉस्पिटल के बाहर बुजुर्ग से मारपीट; ओला ड्राइवर पर भड़के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे,...

Kotak Mahindra Bank Scam: हरियाणा में 109 शाखाएं सील होने का मामला; बॉम्बे हाईकोर्ट में खुला चौंकाने वाला सच

चंडीगढ़/मुंबई: हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक की शाखाओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में किए गए खुलासों ने सभी को चौंका दिया है। पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ से अधिक के एफडी (FD) घोटाले की जांच के दौरान पुलिस और एसीबी (ACB) ने राज्य में बैंक की सभी 109 शाखाओं को सील कर दिया था। इस कार्रवाई का खामियाजा 14 लाख ग्राहकों को भुगतना पड़ा, जिनकी सेवाएं कई दिनों तक ठप रहीं।

📊 बॉम्बे हाईकोर्ट में सामने आई 5 बड़ी बातें

  • 24,000 करोड़ की पूंजी पर संकट: बैंक ने कोर्ट को बताया कि सीलिंग के कारण हरियाणा में जमा 24,000 करोड़ की पूंजी फ्रीज हो गई थी।

  • ग्राहकों को परेशानी: बिना नोटिस शाखाएं बंद होने से दैनिक लेन-देन और एटीएम सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं।

  • उच्च स्तरीय हस्तक्षेप: मामला सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव (अरुण गुप्ता) को हस्तक्षेप करना पड़ा।

  • शर्तों के अधीन भुगतान: बैंक ने नगर निगम के खाते में 127.27 करोड़ रुपये ‘कंडीशनल’ (शर्तों के अधीन) जमा कराए, जिसके बाद ही शाखाएं खुलीं।

  • पुलिस पर सवाल: बैंक का आरोप है कि उसने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई बैंक पर ही कर दी गई।

🧩 क्या है 145 करोड़ का पंचकूला नगर निगम घोटाला?

नगर निगम ने कोटक बैंक की सेक्टर-11 शाखा में 16 एफडी कराई थीं, जिनकी मैच्योरिटी वैल्यू लगभग 158 करोड़ रुपये होनी थी। जांच में पता चला कि नगर निगम को जो टर्म डिपॉजिट एडवाइस (FD रसीदें) सौंपी गई थीं, वे फर्जी (Forged) थीं। असली पैसा बैकएंड से गायब कर दिया गया था। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बैंक का तत्कालीन रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव निकला, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

🔎 बैंक का पक्ष: ‘हम पीड़ित हैं, न कि आरोपी’

कोटक महिंद्रा बैंक ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम खाते में जमा की गई राशि केवल जांच पूरी होने तक का एक अस्थायी कदम है। बैंक का तर्क है कि वह खुद इस जालसाजी का शिकार है और उसने दोषियों के खिलाफ खुद शिकायत दर्ज कराई थी।