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ED Raid in Mizoram: मिजोरम में ईडी का बड़ा एक्शन; म्यांमार सीमा पर 9 ठिकानों पर छापेमारी, बर्मी सुपारी तस्करी नेटवर्क ध्वस्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को मिजोरम-म्यांमार सीमा से लगे चम्फाई जिले में बड़े पैमाने पर एक विशेष छापेमारी अभियान शुरू किया है. ED की जांच टीम ने क्षेत्र के 9 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश देते हुए अवैध बर्मी सुपारी (सूखी सुपारी) की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक बहुत बड़े संगठित नेटवर्क को अपने निशाने पर लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, यह सिंडिकेट म्यांमार से बड़े पैमाने पर अवैध और प्रतिबंधित रूप से सुपारी की खेप भारतीय क्षेत्र में ला रहा था. ईडी की यह छापेमारी मुख्य रूप से उन स्थानीय रसूखदार कारोबारियों और उनके कथित मददगारों के घरों व व्यावसायिक परिसरों पर की जा रही है, जो इस पूरे तस्करी नेटवर्क को पिछले लंबे समय से संचालित करने में मुख्य और अहम भूमिका निभा रहे थे.

🌊 तियू नदी के रास्ते भारत तक बिछा था तस्करी का जाल, स्थानीय गोदामों से देश भर में सप्लाई

प्रवर्तन निदेशालय की शुरुआती जांच और तकनीकी विश्लेषण में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि म्यांमार से आने वाली अवैध सुपारी की इन बड़ी खेपों को भारत-म्यांमार सीमा पर बहने वाली तियू नदी के गुप्त रास्तों से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया जाता था. भारत की सीमा में दाखिल होने के बाद इन्हें सीमावर्ती चम्फाई जिले के स्थानीय गोदामों (गोडाउंस) में सुरक्षित छिपाकर रखा जाता था. इसके बाद असली खेल शुरू होता था; इन अवैध सुपारियों को वैध दिखाने के लिए फर्जी ई-वे बिल (e-Way Bill) और जाली दस्तावेजों का सहारा लिया जाता था और स्थानीय स्तर की खरीद-बिक्री दिखाकर इन्हें ट्रकों के माध्यम से देश के अन्य बड़े राज्यों और हिस्सों में धड़ल्ले से भेजा जाता था. ED का पुख्ता दावा है कि इस समानांतर और अवैध कारोबार के जरिए आरोपियों ने सैकड़ों करोड़ रुपये की काली कमाई पैदा की, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के अलग-अलग माध्यमों से छिपाने और वैध (सफेद) दिखाने की कोशिश की गई.

📄 फर्जी कागजात और स्थानीय ट्राइबल पहचान की आड़ में करोड़ों का काला कारोबार, जांच जारी

ED की गहन जांच में यह भी पता चला है कि इस रैकेट के मास्टरमाइंड और आरोपियों ने स्थानीय जनजातीय (ट्राइबल) पहचान और विशेष छूट का गलत फायदा उठाते हुए खुद को सीमा पार वैध व्यापार से जुड़ा हुआ प्रतिष्ठित कारोबारी बताने की कोशिश की थी. इतना ही नहीं, पूर्व में जब कस्टम विभाग (सीमा शुल्क विभाग) ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनकी सुपारी की कुछ खेपें जब्त की थीं, तब इन शातिर आरोपियों ने पुराने, फर्जी और पूरी तरह से असंबंधित आयात दस्तावेजों (Import Documents) का इस्तेमाल कर जब्त किए गए अवैध माल को कानूनी रूप से छुड़ाने का असफल प्रयास भी किया था. फिलहाल प्रभावित इलाकों में ED की सर्च और जब्ती की कार्रवाई लगातार जारी है. एजेंसी को उम्मीद है कि छापेमारी के दौरान कई और अहम वित्तीय दस्तावेज तथा महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हाथ लगेंगे, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी मामले में आने वाले दिनों में कुछ और बड़े व चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.