ब्रेकिंग
Latehar Electricity News: वन विभाग की एनओसी में फंसी बिजली परियोजना; लातेहार के इन 4 गांवों में आज भ... JPSC Civil Judge Result 2023: जेपीएससी ने जारी किया सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक परीक्षा का सं... Latehar News: लातेहार में सरकारी दावों की पोल; टूटे-फूटे शौचालय में रहने को मजबूर है गरीब बुजुर्ग Nitin Nabin Ranchi Visit: भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे नितिन नबीन; कार्यकर्ताओं न... Jamshedpur Mango Export: जमशेदपुर के रसीले आम अब यूरोप में; 'कायरा' नाम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में म... Jharkhand Weather Alert: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज; 50 जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट Haryana Weather Alert: हरियाणा के 7 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम? Bhuna Murder Case: फतेहाबाद में सचिन मर्डर केस के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; CIA इंचार्ज निलंबित, था... Haryana Sunflower Procurement: हरियाणा के किसानों के लिए राहत; सूरजमुखी खरीद के लिए 60 दिन के लिए फि... Hansi Crime News: करोड़ों के लेनदेन में पूर्व सैनिक ने की आत्महत्या; पूनम और होशियार सिंह समेत 4 पर ...

Haryana TGT English Recruitment: नौकरी से हटाए गए शिक्षकों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, स्टेटस को बनाए रखने का आदेश

हरियाणा में टीजीटी (अंग्रेजी) भर्ती से जुड़े एक बड़े विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नौकरी से बाहर किए गए शिक्षकों को एक बहुत बड़ी और सामयिक राहत दी है। हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए प्रभावित शिक्षकों की सेवाओं पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जून 2026 को तय की गई है।

❓ क्या है पूरा विवाद? समान अंक और उम्र का फेरबदल

यह कानूनी मामला पिंकी और अन्य शिक्षकों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सामान्य वर्ग (General Category) के तहत विज्ञापन संख्या के अनुसार लिखित परीक्षा पास की थी और 64.6 अंक प्राप्त किए थे। इसी मेरिट के आधार पर उन्हें नियुक्ति पत्र जारी हुए और उन्होंने 29 जुलाई 2024 को टीजीटी (अंग्रेजी) के पद पर कार्यभार संभाल लिया था। मामले में नया मोड़ तब आया जब करीब दो वर्ष तक नियमित सेवा देने के बाद, HSSC ने 28 मई 2026 को एक संशोधित (Revised) परिणाम जारी किया। इस नई सूची में सामान्य वर्ग के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के अंक भी 64.6 ही थे। लेकिन, अंक समान होने की स्थिति में आयोग ने ‘अधिक आयु’ को प्राथमिकता देने का नियम लागू किया और कार्यरत याचिकाकर्ता शिक्षकों को चयन सूची से बाहर कर दिया।

📢 “दो साल की सेवा के बाद हटाना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ”

शिक्षकों ने आयोग के इस कदम को पूरी तरह से मनमाना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए हाई कोर्ट की शरण ली। शिक्षकों के वकील ने तर्क दिया कि अंतिम चयन और नियुक्ति के बाद, जब कर्मचारी वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हों, तो प्रशासनिक संशोधन के नाम पर इस तरह चयन प्रक्रिया को बदलकर किसी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। इस पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई (15 जून) तक याचिकाकर्ताओं की सेवा स्थिति में कोई भी बदलाव न किया जाए।