ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक

Security Lapse in Punjab Jails: पंजाब की जेलों में अवैध सामान का सिलसिला जारी; फरीदकोट जेल में 6 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

पंजाब की जेलों में प्रतिबंधित और अवैध सामान मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला फरीदकोट की मॉडर्न जेल से सामने आया है, जहाँ जेल प्रशासन द्वारा की गई औचक तलाशी के दौरान 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस मामले में 6 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।

🔍 कैसे हुआ खुलासा?

जेल के सहायक अधीक्षक भिवम तेज सिंगला ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि जेल की बैरकों में नियमित चैकिंग का दौर जारी रहता है। सोमवार रात की गई तलाशी के दौरान इन 6 हवालातियों के पास से मोबाइल बरामद हुए:

  • सतनाम सिंह (मोगा)

  • लखविंदर सिंह (मोगा)

  • गुरजंट सिंह (फिरोजपुर)

  • सुखजीत सिंह (बरनाला)

  • गौरव उर्फ गोरा (फिरोजपुर)

  • कर्मवीर सिंह (फरीदकोट)

👮 पुलिस की आगे की रणनीति

जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज और जांच अधिकारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के अंदर ये मोबाइल फोन आखिर किसके माध्यम से पहुँचाए गए? इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों और जेल स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय टिप्पणी: जेलों के अंदर मोबाइल फोन का मिलना सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ी चूक है, जो आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। क्या आपको लगता है कि जेलों में मोबाइल जैमर लगाने के साथ-साथ स्टाफ की सघन तलाशी भी अनिवार्य कर देनी चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।