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Bareilly News: शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने का फरमान; BEO का विवादित लेटर वायरल होने के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा दिया था। सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर नवाबगंज ब्लॉक के शिक्षकों को आवारा पशुओं के लिए भूसा इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया था। मामला तूल पकड़ते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. विनीता ने मामले का संज्ञान लिया और इसे पूरी तरह गलत करार दिया।

🚫 BEO की हरकत पर प्रशासन सख्त

BSA डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया कि विभाग या प्रशासन की ओर से शिक्षकों को ऐसा कोई भी काम सौंपने का न तो कोई आदेश दिया गया है और न ही कोई निर्देश जारी हुआ है। नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव द्वारा जारी पत्र को उन्होंने घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य माना है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उन्हें लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

🌾 भूसा दान एक ‘स्वैच्छिक मुहिम’

प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निराश्रित गौवंश के लिए भूसा संग्रहण की मुहिम जरूर चलाई जा रही है, लेकिन यह पूरी तरह से ‘स्वैच्छिक’ है। इसमें आम जनता अपनी मर्जी से बढ़-चढ़कर योगदान दे रही है। बीएसए ने कहा कि लोग बेसहारा पशुओं की मदद करना चाहते थे, लेकिन सही माध्यम न होने से परेशान थे। अब इस स्वैच्छिक दान अभियान की सराहना हो रही है।

⚖️ भविष्य की कार्रवाई

बीएसए ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों पर भूसा इकट्ठा करने का कोई सरकारी दबाव नहीं है। जो पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वह पूरी तरह से बीईओ की व्यक्तिगत लापरवाही का नतीजा था। फिलहाल, दोषी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया चल रही है। इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे गैर-जिम्मेदाराना आदेशों के लिए विभागीय अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।