धनबाद: कोयलांचल में ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। केंद्र सरकार की ‘स्माइल’ (SMILE) योजना के तहत धनबाद के तेतुलमारी में 25 बेड वाले ‘गरिमा गृह’ का शुभारंभ किया गया है। यह केंद्र न केवल ट्रांसजेंडरों को सुरक्षित आवास मुहैया कराएगा, बल्कि उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का भी काम करेगा।
🛠️ स्किल डेवलपमेंट और स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र
गरिमा गृह का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को भिक्षावृत्ति जैसी मजबूरियों से बाहर निकालना है। यहाँ रहने वाले लोगों के लिए भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, काउंसिलिंग और कानूनी सहायता जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं की गई हैं। धनबाद डीसी आदित्य रंजन के अनुसार, इस शेल्टर होम में स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि प्रशिक्षण के बाद इन लोगों को रोजगार से जोड़कर समाज में नई पहचान दिलाई जा सके। यह झारखंड का अपनी तरह का पहला गरिमा गृह है।
🤝 मंथन संस्था के सहयोग से होगा संचालन
इस गरिमा गृह का संचालन सामाजिक संस्था ‘मंथन’ द्वारा किया जाएगा। परियोजना प्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि जो ट्रांसजेंडर अब तक भिक्षाटन कर जीवन यापन कर रहे थे, उन्हें इस केंद्र के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें लाइवलीहुड (जीविकोपार्जन) से जोड़ने की पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे वे भविष्य में खुद को आत्मनिर्भर बना सकें।
💡 किन्नर समाज की मांग: संचालन में हो भागीदारी
झारखंड प्रदेश किन्नर समाज की सचिव श्वेता किन्नर ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए प्रशासन से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि इस गृह के संचालन में वास्तविक जरूरतमंद ट्रांसजेंडरों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए और फर्जी लोगों की पहचान सुनिश्चित होनी चाहिए। श्वेता किन्नर ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को गरिमा गृह के संचालन में किन्नर समाज की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि अनुभवी लोग दूसरों का दुख-दर्द समझकर इस केंद्र का सही और पारदर्शी तरीके से संचालन कर सकें। यह कदम निश्चित रूप से उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे समुदाय के लिए एक नई दिशा साबित होगा।