ब्रेकिंग
नूंह के तावडू में जमीन की पैमाइश को लेकर खूनी संघर्ष: ग्वारका गांव में दो पक्षों के बीच जमकर चले लाठ... Faridabad News: परीक्षा की तैयारी कर रहे 11वीं के छात्र की बाथरूम में करंट लगने से दर्दनाक मौत, परिव... Hansi Accident News: हांसी में नेहरू कॉलेज के पास बस और डम्पर की जोरदार टक्कर, करीब 20 यात्री घायल यमुनानगर के दादुपुर हेड पर हुड़दंग: सोम नदी में थार उतारकर कर रहा था स्टंट, बीच पानी में फंसी गाड़ी Karnal Murder News: करनाल में खेतों से मिला ई-रिक्शा चालक मंगरू का शव, शरीर पर मिले चोट के निशान; मा... Kurukshetra News: 12 साल बाद दिवाली पर अमेरिका से घर लौटने वाले थे विक्की अरोड़ा, सड़क हादसे में दर्... Kurukshetra Accident News: जीटी रोड पर बैरिकेडिंग तोड़कर निर्माण क्षेत्र में घुसी तेज रफ्तार स्लीपर ... Haryana Weather Update: हरियाणा में अक्टूबर में भी छूटे पसीने, हिसार में पारा 38.5°C पार; जानें कब ह... Haryana CM Nayab Saini Singapore Visit: गुरुग्राम में बनेगा वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर और मानेसर मे... Haryana Politics: 'एक परिवार या चेहरे को आगे करने से पार्टी को नुकसान', कुलदीप शर्मा की कांग्रेस अध्...

Vastu Tips for Main Door: क्या घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल रखते हैं? हो जाएं सावधान, वास्तु के अनुसार हो सकते हैं ये नुकसान

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Door) को केवल आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। घर में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली का आगमन इसी द्वार से होता है। अक्सर लोग सुविधा के लिए मुख्य दरवाजे के ठीक सामने जूते-चप्पल उतार देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह आदत घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, मानसिक अशांति और आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।

🚫 मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पल क्यों हैं अशुभ?

प्रवेश द्वार को मां लक्ष्मी का आगमन स्थल माना गया है। मुख्य द्वार के सामने गंदगी या बिखरे हुए जूते-चप्पल सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोक देते हैं, जिससे घर में बरकत कम हो जाती है। जूते-चप्पल को बाहरी नकारात्मक ऊर्जा और धूल-मिट्टी का वाहक माना जाता है, जो घर के वातावरण को दूषित कर सकते हैं।

📉 परिवार में तनाव और आर्थिक तंगी का कारण

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, प्रवेश द्वार पर अव्यवस्थित जूते-चप्पल रिश्तों में खटास और विवाद का कारण बन सकते हैं। इससे परिवार के सदस्यों में चिड़चिड़ापन बढ़ता है। साथ ही, ऐसी मान्यता है कि इससे धन की देवी मां लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं, जिसके कारण घर में धन का आगमन रुक जाता है और बेवजह के खर्च बढ़ जाते हैं।

✅ वास्तु के अनुसार सही उपाय

  • सही स्थान का चुनाव: जूते-चप्पलों को कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने न रखें। इसके लिए घर के किसी कोने में एक ‘बंद’ शू-रैक का उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है।

  • शू-रैक की स्वच्छता: शू-रैक को समय-समय पर साफ करते रहें ताकि गंदगी जमा न हो।

  • द्वार की सजावट: मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखें। वहां शुभ चिन्ह (जैसे स्वास्तिक या ॐ) और सुंदर तोरण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • प्रवेश द्वार का रखरखाव: दरवाजे के पास रोशनी की उचित व्यवस्था रखें और द्वार खोलते या बंद करते समय कोई कर्कश आवाज न हो, इसका विशेष ध्यान रखें।