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Bhopal Air Pollution: भोपाल की हवा ‘बहुत खराब’; NGT ने सरकार को दिया 100 दिन का ‘विंटर एक्शन प्लान’ बनाने का निर्देश

भोपाल: राजधानी भोपाल की बिगड़ती हवा अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की चिंता का बड़ा कारण बन गई है। सर्दियों के दौरान शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 336 तक पहुंच जाने और हवा के ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज होने के बाद ट्रिब्यूनल ने सख्त रुख अपनाया है। NGT ने मध्यप्रदेश सरकार और नगर निगम को सर्दियों के लिए 100 दिन का एक प्रभावी ‘विंटर एक्शन प्लान’ तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर को जहरीली हवा से बचाया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल के महीन कण (PM 2.5) हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों के लिए जिम्मेदार हैं।

📅 रोजाना मॉनीटरिंग और ट्रैफिक प्रबंधन

NGT ने केवल कागजी योजना बनाने के बजाय उसकी दैनिक समीक्षा के लिए एक ‘मॉनीटरिंग कमेटी’ गठित करने के निर्देश दिए हैं। एक्शन प्लान में शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने, प्रमुख चौराहों पर ‘फ्री लेफ्ट टर्न’ लागू करने और लो-इमिशन जोन विकसित करने के सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा, प्रदूषण कम करने के लिए ई-रिक्शा, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

🔥 कचरा जलाने और तंदूर पर सख्ती

याचिकाकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि विशेषज्ञों ने खुले में कचरा, सूखी पत्तियां, बायोमास और फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। अलाव के विकल्प के तौर पर एलपीजी और इलेक्ट्रिक हीटर को बढ़ावा देने को कहा गया है। इतना ही नहीं, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए होटल, ढाबों और रेस्तरां में लकड़ी व कोयले से चलने वाले तंदूर को सीमित या पूरी तरह प्रतिबंधित करने का सुझाव भी दिया गया है।

🏗️ निर्माण स्थलों और सड़कों की सफाई पर निगरानी

NGT ने निर्माण और विध्वंस कार्यों (Construction & Demolition) से उड़ने वाली धूल को प्रदूषण की बड़ी वजह माना है। सभी निर्माण स्थलों पर ‘ग्रीन नेट’ लगाना अनिवार्य कर दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की बात कही गई है। नगर निगम को मशीनीकृत सफाई, वाटर जेट मशीनों से सड़कों की धुलाई और नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों की शिकायतों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।