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Sahibganj Murder Case: साहिबगंज के चंपई मरांडी हत्याकांड का दिल्ली में हुआ खुलासा; आरोपी सुखदेव मुर्मू गिरफ्तार

रांची/साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले में पिछले दिनों हुए एक सनसनीखेज अपहरण और अंधा कत्ल (मर्डर) मामले की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल एक शातिर आरोपी को देश की राजधानी दिल्ली से धर-दबोचा गया है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद से ही अपनी पहचान बदलकर दिल्ली के सघन इलाके में छिपकर रह रहा था।

गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला के रूप में की गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे यमुना बाजार इलाके से घेराबंदी करके दबोचा और वैधानिक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आगे की कस्टोडियल जांच के लिए झारखंड पुलिस को ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) पर सौंप दिया है।

🪵 बोरियो के जंगल में 10 दिन बाद मिला था चंपई मरांडी का शव: शराब पार्टी के दौरान मामूली बात पर दोस्तों ने ही उतारा था मौत के घाट

स्थानीय साहिबगंज पुलिस के मुताबिक, जिले के बोरियो थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीते 21 मई को चंपई मरांडी नामक व्यक्ति के अचानक रहस्यमयी ढंग से लापता होने की आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी। पुलिस जब मामले की सघनता से जांच कर रही थी, तभी गुमशुदगी के करीब 10 दिन बाद स्थानीय जंगल के भीतर से चंपई का सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले में तत्काल हत्या और साक्ष्य छुपाने की गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ दीं।

पुलिस की गहन तकनीकी जांच और पूछताछ में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि हत्या की इस खौफनाक वारदात से ठीक पहले मृतक चंपई अपने ही कुछ दोस्तों और आरोपियों के साथ एकांत में बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी मामूली और घरेलू बात को लेकर उनके बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सभी आरोपियों ने मिलकर चंपई पर जानलेवा हमला कर दिया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद कानूनी शिकंजे से बचने के लिए उन्होंने शव को घने जंगल में ले जाकर छिपा दिया ताकि सबूत पूरी तरह मिटाए जा सकें।

🦹 दिल्ली के हनुमान मंदिर के पास क्राइम ब्रांच ने बिछाया था जाल: इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में मिली बड़ी सफलता

झारखंड पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही थी, इसी बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच को एक पुख्ता इनपुट और मुखबिर से सूचना मिली कि साहिबगंज का वांछित आरोपी सुखदेव मुर्मू दिल्ली के यमुना बाजार इलाके के आसपास छिपकर मजदूरी कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए फौरन एक्शन लिया गया।

क्राइम ब्रांच के तेजतर्रार इंस्पेक्टर विनय कुमार के कुशल नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तत्काल यमुना बाजार स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास अपना जाल बिछाया और संदिग्ध हालत में घूम रहे आरोपी सुखदेव को बिना किसी भनक के दबोच लिया। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि बीती 12 मई को वह अपने साथी बाबूजी मरांडी, मंगल टुडू और मृतक चंपई मरांडी के साथ बैठकर शराब पी रहा था, तभी आपसी झगड़ा बढ़ने पर उसके साथियों ने चंपई की हत्या कर दी थी, जिसमें उसने भी शव को ठिकाने लगाने में पूरा सहयोग किया था।

📱 तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र से मिली कामयाबी: डीसीपी संजीव कुमार यादव ने कहा— फरार आरोपियों की तलाश जारी

इस बड़ी अंतरराज्यीय सफलता को लेकर दिल्ली डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान दिल्ली क्राइम ब्रांच और झारखंड की साहिबगंज पुलिस के बीच लगातार लाइव समन्वय (Coordination) बनाकर त्वरित कार्रवाई की गई।

आरोपी सुखदेव मुर्मू हत्याकांड को अंजाम देने के तुरंत बाद राज्य की सीमाएं लांघकर फरार हो गया था और दिल्ली में खुद को सुरक्षित मानकर छिपा हुआ था। लेकिन दिल्ली पुलिस की एडवांस तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और स्थानीय मुखबिर तंत्र से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी ने बताया कि इस वारदात में शामिल अन्य फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में झारखंड पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।