ब्रेकिंग
Kerala Politics: मुख्यमंत्री सतीशन और पीएम मोदी की बैठक; राज्य की प्राथमिकताओं और केंद्र से मदद पर र... Supreme Court Update: कानून के छात्रों की उपस्थिति पर SC का बड़ा फैसला; हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक Gurmeet Ram Rahim Parole: 16वीं बार जेल से बाहर आए गुरमीत राम रहीम; 30 दिन की पैरोल पर मचा सियासी बव... Amit Shah in Rajasthan: सीमा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता; BSF जवानों के साहस और बलिदान को गृह मंत्री ने... Akhilesh Yadav Press Conference: यूपी में 'फर्जी एनकाउंटर' को लेकर अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला Khagaria Encounter: बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई; 50 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी मोहम्मद बुद्दिन ढे... Bulandshahr Double Murder: ससुर-बहू के अवैध संबंधों ने बिगाड़ा परिवार; बेटे ने पिता और पत्नी को उतार... Gurugram Crime News: लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर पति ने की पत्नी की हत्या; शव बाथरूम में मिला, आरोपी... Rajasthan Heatwave Alert: गर्मी के चलते राजस्थान सरकार का बड़ा फरमान; दोपहर में जानवरों से काम लेने प... Ramgarh Crime News: राहुल दुबे गैंग का बड़ा खुलासा; पतरातू में बड़ी वारदात की योजना बनाते 6 अपराधी गिर...

Anuppur Farmers Protest: अनूपपुर में किसानों का बड़ा आंदोलन; चंदास चौराहे पर ट्रैक्टर खड़े कर किया चक्काजाम

अनूपपुर: मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में किसान एकता मंच द्वारा अन्नदाताओं की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर एक विशाल प्रदर्शन किया गया। यह उग्र प्रदर्शन दोपहर करीब 1:00 बजे से जिला मुख्यालय के मुख्य शहडोल, राजेंद्र ग्राम और जैतहरी मार्ग पर स्थित व्यस्त ‘चंदास चौराहे’ पर शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों आक्रोशित किसान शामिल हुए। अपनी मांगों को लेकर अड़े किसानों ने अचानक सड़क के बीचों-बीच अपने ट्रैक्टर और भारी वाहन तिरछे खड़े कर दिए, जिससे सभी मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और परिवहन पूरी तरह से बाधित हो गया।

🚗 चंदास चौराहे पर आधा किलोमीटर तक लगा लंबा जाम: यात्री बसें, ऑटो और राहगीर भीषण गर्मी में हुए बेहाल

सड़क मार्ग अवरुद्ध होने और चक्काजाम के कारण चंदास चौराहे के चारों तरफ देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों द्वारा बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और ट्रॉली सड़क पर अड़ा दिए जाने की वजह से यात्री बसों, ऑटो, जीप, एम्बुलेंस और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चंदास चौराहे के आसपास लगभग आधा किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। मई की इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच जाम में फंसे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी और छांव न मिलने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

🌾 एमएसपी (MSP) और बिजली कटौती को लेकर आर-पार की लड़ाई: किसान संगठन ने रखीं अपनी प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं की लंबी सूची रखी। किसानों की प्रमुख मांगों में सबसे मुख्य फसल उपार्जन के लिए ‘स्लॉट बुकिंग’ की प्रक्रिया को बिना किसी तकनीकी खामी के नियमित रूप से चालू रखना है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में की जा रही अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद करने और सभी फसलों की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। किसान संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से स्थानीय प्रशासन के सामने इन समस्याओं को उठाया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं होने के कारण उन्हें अंततः इस बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।

🤝 आंदोलन को मिला विपक्ष का खुला समर्थन: पुष्पराजगढ़ विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष पहुंचे प्रदर्शन स्थल

किसानों के इस सड़क पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को राजनीतिक गलियारों, विशेषकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का भी पूरा समर्थन मिला। किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित स्थानीय पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक भी भारी लाव-लश्कर के साथ सीधे प्रदर्शन स्थल चंदास चौराहा पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच बैठकर उनकी मांगों को जायज ठहराया और उनके समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मिली जानकारी के अनुसार, किसान पहले कलेक्ट्रेट परिसर जाकर शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन चंदास चौराहे पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और बैरिकेडिंग देखकर वे वहीं मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए।

📋 मौके पर कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे अन्नदाता: देर शाम तक डटे रहे किसान, पुलिस प्रशासन अलर्ट

जैसे-जैसे दिन ढलता गया, आंदोलनकारियों का रुख और कड़ा होता गया। प्रदर्शन कर रहे किसान संगठन के सदस्य और नेता मौके पर किसी कनिष्ठ अधिकारी को ज्ञापन देने के बजाय स्वयं जिला कलेक्टर को चंदास चौराहे पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। देर शाम तक चंदास चौराहे पर प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रहने की सूचना है। कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन व भारी पुलिस बल मौके पर अलर्ट मोड में तैनात है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।