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Bhagalpur News: भागलपुर में आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर पथराव; परिजनों का आरोप—घर में घुसकर महिलाओं को पीटा

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ एक नामजद आरोपी को धरदबोचने गई स्थानीय पुलिस की टीम पर ग्रामीणों और परिजनों द्वारा अचानक अंधाधुंध पथराव कर दिया गया। इस हमले के बाद स्थिति बेकाबू हो गई और मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया। दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपी के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर कानून का उल्लंघन करते हुए जबरन घर में घुसने और घर की निर्दोष महिलाओं व मासूम बच्चों को बेरहमी से पीटने का संगीन आरोप लगाया है। दरअसल, पुलिस एक पुराने मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने रात के अंधेरे में घर का मुख्य दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया था। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हो गई और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस सरकारी कार्य में बाधा और हमले के मामले में दो मुख्य लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भीमकित्ता गांव में शुक्रवार की देर रात पुलिस की इस छापेमारी कार्रवाई के दौरान जमकर बवाल कटा। पूर्व में दर्ज मारपीट के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को दबोचने पहुंची पुलिस टीम पर अचानक ग्रामीणों ने छतों से पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल मंगाकर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की और मौके से गांव के विकास यादव और समीर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

❓ जानिए क्या है पूरा मामला: आधी रात को भारी पुलिस बल देखकर सहम गया था परिवार, दरवाजा न खोलने पर बढ़ा विवाद

इस पूरी हिंसक झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों के परिजनों ने स्थानीय मीडिया के सामने आकर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर कई गंभीर और हैरान करने वाले आरोप मढ़े हैं। गिरफ्तार विकास यादव की पत्नी प्रीति कुमारी ने घटना की आपबीती सुनाते हुए बताया कि देर रात जब पूरा गांव सो रहा था, तब अचानक भारी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर पहुंचे और जोर-जोर से मुख्य दरवाजा खोलने को कहने लगे।

आधी रात को इस तरह पुलिस की दबिश से घबराए परिजनों ने जब अंदर से ही पुलिसकर्मियों से इतनी रात को आने का मुख्य कारण और सर्च वारंट पूछा, तो पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। प्रीति कुमारी के मुताबिक, रात के समय किसी अनहोनी और डर की वजह से परिवार ने स्वेच्छा से घर का दरवाजा नहीं खोला, जिसे पुलिस ने अपनी तौहीन समझ लिया।

💥 परिजनों ने लगाए पुलिस पर बर्बरता के आरोप: 7 साल की बच्ची परी कुमारी समेत कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल

विकास यादव की पत्नी प्रीति कुमारी का सीधा और गंभीर आरोप है कि दरवाजा नहीं खोलने से गुस्साए पुलिसकर्मियों ने कानून को ताक पर रखकर जबरन लातों और हथौड़ों से घर का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि घर में घुसते ही पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ बिना किसी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

परिजनों ने बताया कि पुलिस की इस कथित लाठीचार्ज और बर्बरता के दौरान घर की महिला सदस्य आशा भारती, बबिता कुमारी और महज 7 वर्ष की एक मासूम बच्ची परी कुमारी भी गंभीर रूप से चोटिल और घायल हो गईं। परिजनों ने पुलिस पर एक और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझकर उनके घर में सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे के मुख्य डीवीआर (DVR) बॉक्स को बलपूर्वक तोड़ दिया और उसे अपने साथ समेटकर ले गई, ताकि पुलिस द्वारा की गई इस कथित बर्बरता और तोड़फोड़ का कोई भी लाइव डिजिटल सबूत कोर्ट के सामने न आ सके।

🕵️ किस मामले में हुई गिरफ्तारी? परिवार को अब तक नहीं मिली जानकारी; मधुसूदनपुर थाना पुलिस जांच में जुटी

पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक तौर पर यह लिखित या मौखिक जानकारी नहीं दी गई है कि विकास यादव को किस पुराने या नए मामले में आरोपी बनाया गया है और उनकी गिरफ्तारी किस धारा के तहत हुई है। इस पूरी घटना के बाद से भीमकित्ता गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल में अंदरूनी तनाव बना हुआ है।

दूसरी ओर, मधुसूदनपुर थाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम पर हमला और पथराव एक गंभीर संज्ञेय अपराध है, जिसमें कानून अपना काम कर रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एक पहलू से गहराई से जांच में जुटी हुई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी प्रक्रिया जारी है।