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Raipur Weather Update: रायपुर में पारा 45 डिग्री पार, मेकाहारा अस्पताल पहुंचे सनबर्न के रिकॉर्ड मरीज; जानें लक्षण

रायपुर: मई के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पारे का ग्राफ रिकॉर्ड 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने के साथ ही लू (Heatwave) और सनबर्न (Sunburn) के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (सिम्स) के चर्म रोग (स्किन) विभाग में इन दिनों हर रोज धूप की एलर्जी और सनबर्न की गंभीर समस्या को लेकर लगभग 60 से अधिक नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

❓ जानिए सनबर्न में त्वचा पर क्या होता है असर: तेज धूप के कारण लोग हो रहे स्किन एलर्जी के शिकार

लगातार बढ़ रही तपिश और चिलचिलाती धूप से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज गर्मी के कारण एक तरफ जहां लोगों को लू लगने का डर सता रहा है, वहीं दूसरी तरफ सनबर्न की समस्या भी तेजी से पैर पसार रही है। दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने के कारण लोगों को कई तरह की त्वचा संबंधी (स्किन) समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, जो मुख्य रूप से सनबर्न की वजह से हो रहा है। इसके प्रमुख लक्षणों में शरीर की त्वचा का अचानक लाल हो जाना, खासकर शरीर के खुले हुए भाग (चेहरा, हाथ और गर्दन) पर छोटे-छोटे दाने निकलना, तेज खुजली होना और शरीर पर लाल रंग के बड़े चकत्ते आना शामिल है।

🏥 मेकाहारा अस्पताल की ओपीडी में बढ़े त्वचा के मरीज: धूप की एलर्जी से दानों में आ रहा पानी, इन्फेक्शन का खतरा

मेकाहारा के चर्म रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर एमके सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अत्यधिक गर्मी के दिनों में चर्म रोग विभाग की ओपीडी (OPD) में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ गई है। हर रोज सनबर्न के लगभग 60 मरीज इलाज के लिए मेकाहारा पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि तेज धूप से होने वाली एलर्जी (Photosensitivity) की वजह से मरीजों के शरीर में तेज खुजली, दाने, बैक्टीरियल इन्फेक्शन और लाल चकत्ते आ रहे हैं। कई मामलों में ज्यादा खुजली होने के कारण दानों से पानी भी निकलने लगता है, जिससे त्वचा का इन्फेक्शन शरीर के अन्य हिस्सों में भी तेजी से फैलता है।

🍄 घमौरियों के साथ फंगल इन्फेक्शन और फोड़े-फुंसियों की शिकायत: डॉ. एमके सिंह ने दी बीमारी की पूरी जानकारी

डॉक्टर एमके सिंह ने आगे बताया कि सनबर्न को आम बोलचाल की भाषा में ‘धूप की एलर्जी’ के नाम से जाना जाता है। अत्यधिक पसीने और गर्मी की वजह से इन दिनों दाद और खुजली के मरीज भी बहुत ज्यादा बढ़े हैं। खासतौर पर गर्मी के दिनों में त्वचा के मोइश्चर (नमी) के कारण फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) की सबसे ज्यादा शिकायत होती है।

इसके अलावा, तापमान अधिक होने पर कुछ लोगों के शरीर में अत्यधिक घमौरियां होने की भी शिकायत आ रही है। गर्मी के दिनों में दूषित पसीने और ब्लॉक पोर्स के कारण कई लोग दर्दनाक फोड़े और फुंसियों से भी पीड़ित हो रहे हैं, जिनका समय पर इलाज न होने से समस्या बढ़ सकती है।

🌞 तेज धूप में लंबे समय तक रहने से कैसे झुलसती है त्वचा: जानिए सनबर्न होने की मुख्य प्रक्रिया

चर्मरोग विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति दोपहर के समय तेज धूप में बिना किसी सुरक्षा के लंबे समय तक रहता है, तो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणें (UV Rays) सीधे त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे सनबर्न की समस्या होने लगती है। इससे त्वचा लाल होने के साथ ही उसमें जलन और खुजलाहट शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे त्वचा की ऊपरी परत झुलसने लगती है, जिससे दाने निकलने के साथ ही काले चकत्ते भी आने लगते हैं।

🛡️ सनबर्न और हीट वेव से बचाव के लिए डॉक्टरों के जरूरी उपाय: दोपहर 11 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें

चर्म रोग विशेषज्ञों ने बढ़ते तापमान को देखते हुए आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी स्वास्थ्य सलाह और बचाव के उपाय जारी किए हैं:

  • घर से बाहर निकलने का समय बदलें: गर्मी के इस मौसम में लोगों को तेज धूप से सीधे तौर पर बचना चाहिए। सुबह 11:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे के बीच बेहद जरूरी काम न होने पर तेज गर्मी में घर से बाहर न निकलें। इस समयावधि के दौरान सूर्य की किरणें सबसे तीखी और सीधी होती हैं।

  • शरीर को पूरी तरह ढककर रखें: अगर किसी आवश्यक कार्य से दोपहर 11:00 से शाम 4:00 बजे के बीच घर से बाहर निकलना ही पड़ता है, तो अपने शरीर को सूती और ढीले कपड़ों से पूरी तरह से ढककर ही निकलें। फुल आस्तीन की शर्ट पहनें।

  • सनस्क्रीन और गॉगल्स का करें प्रयोग: धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे और हाथों पर अच्छी गुणवत्ता वाले सनस्क्रीन (Sunscreen Lotion) का इस्तेमाल जरूर करें। आँखों की सुरक्षा के लिए ब्लैक गॉगल्स (धूप का चश्मा), हेलमेट और चेहरे को सूती कपड़े या स्कार्फ से पूरी तरह ढककर ही धूप का सामना करें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और लगातार तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।