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Haryana Education Department: हरियाणा में सरकारी शिक्षकों-कर्मचारियों को झटका; 22 मई तक प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरा तो रुकेगी सैलरी

चंडीगढ़: हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने सरकारी अधिकारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों द्वारा अपनी वार्षिक संपत्ति का ब्योरा (Property Return) दाखिल करने को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यालय द्वारा जारी किए गए ताजा आदेशों में विभाग ने पूरी तरह से साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया, तो संबंधित कर्मचारियों का मासिक वेतन (सैलरी) तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा (पंचकूला) की ओर से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को इस संबंध में एक अत्यंत कड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।

📋 श्रेणी-1, 2 और 3 के सभी अधिकारियों-शिक्षकों के लिए आदेश अनिवार्य: वित्त वर्ष 2025-26 का देना होगा पूरा ब्योरा

विभाग द्वारा जिला अधिकारियों को जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह सख्त आदेश किसी एक विशेष कैडर या वर्ग के लिए नहीं है, बल्कि विभाग के अंतर्गत आने वाले एक बहुत बड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक अमले पर समान रूप से लागू होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि:

  • श्रेणी-1 (Class-1): सभी उच्च स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी।

  • श्रेणी-2 (Class-2): राजपत्रित अधिकारी और स्कूल प्राध्यापक।

  • श्रेणी-3 (Class-3): सभी शिक्षक (टीचर्स) और क्लर्क सहित अन्य गैर-शिक्षक स्टाफ। इन सभी के लिए यह रिटर्न भरना कानूनी रूप से अनिवार्य किया गया है। इन सभी कर्मचारियों को वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी चल-अचल संपत्तियों का पूरा रिटर्न सरकार के तय ऑनलाइन माध्यम (पोर्टल) से ही दर्ज करना होगा।

⏳ 22 मई तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा संपत्तियों का विवरण: शिक्षा विभाग के अमले में मचा हड़कंप

पंचकूला मुख्यालय से जारी आधिकारिक पत्र में सूबे के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार और अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों से आगामी 22 मई तक हर हाल में ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न भरवाना सुनिश्चित करें। विभाग ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी कर्मचारी 22 मई की अंतिम तिथि (Dead Line) तक अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन अपलोड करने में विफल रहेंगे, उनके खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस वित्तीय और प्रशासनिक सख्ती के सामने आने के बाद अब मौलिक शिक्षा विभाग के हजारों कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, और सभी जिलों में लंबे समय से लंबित पड़े रिटर्न को ऑनलाइन पूरा करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर तेज हो गई है।