Twisha Sharma Case: ‘कोर्ट परिसर में भाई को मिली धमकी…’ भाभी राशि शर्मा का बड़ा खुलासा; उठाए पुलिस और सिस्टम पर सवाल
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में अब पीड़ित परिवार की ओर से लगातार नए और बेहद विस्फोटक आरोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच ट्विशा की भाभी राशि शर्मा ने मीडिया के सामने आकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। राशि ने न सिर्फ ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए, बल्कि स्थानीय पुलिस जांच, सरकार की संवेदनशीलता और पूरे सिस्टम पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं। राशि का स्पष्ट दावा है कि ट्विशा को लंबे समय से ससुराल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और अब उनकी रहस्यमयी मौत के बाद उनकी छवि को खराब करने और उन्हें बदनाम करने की घिनौनी कोशिश की जा रही है।
😢 सात दिन तक कोई संवेदना नहीं, बेटे की जमानत खारिज होते ही बहने लगे आंसू: भाभी राशि ने सास की जमानत पर उठाए सवाल
राशि शर्मा ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर है कि शुरुआती सात दिनों तक ससुराल पक्ष की ओर से मृत ट्विशा के लिए न तो कोई संवेदना दिखाई गई, न कोई आवाज उठाई गई और न ही निष्पक्ष न्याय की मांग की गई। लेकिन जैसे ही कोर्ट से आरोपी बेटे समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई, अचानक मीडिया के सामने आकर घड़ियाली आंसू बहाए जाने लगे। राशि ने कहा कि जिस तरह से एक मृत महिला के खिलाफ लगातार अपमानजनक बयान दिए जा रहे हैं, उससे साफ समझ आता है कि जब ट्विशा जिंदा थीं, तब बंद कमरों में उनके साथ कैसा अमानवीय व्यवहार होता होगा। उन्होंने ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर राहत दी गई, जबकि उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि वे जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगी; इसके बावजूद वे लगातार अपने आरोपी बेटे के बचाव में बयानबाजी कर रही हैं।
🧬 फोरेंसिक रिपोर्ट ने खोली ससुराल वालों के झूठ की पोल: शरीर में नहीं मिला कोई नशा, मृत बहू पर लगाया जा रहा था ड्रग्स का झूठा आरोप
राशि ने सबसे बड़ा हमला उस बयान पर बोला जिसमें ससुराल पक्ष द्वारा ट्विशा को नशे का आदी और मानसिक बीमार बताने की बात सामने आई थी। राशि ने तकनीकी सबूत पेश करते हुए कहा, “ट्विशा की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट (Forensic Report) में यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि उसके शरीर में किसी भी प्रकार के नशे या जहरीले पदार्थ का कोई भी अंश नहीं मिला है। इसके बावजूद रसूखदार लोग लगातार ड्रग्स और मानसिक बीमारी को लेकर झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं। अगर किसी बेकसूर इंसान को लगातार प्रताड़ित किया जाए और बाद में उसकी मौत के बाद उसी पर लांछन लगाए जाएं, तो यह मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं बल्कि ससुराल पक्ष का दोगलापन है।” राशि ने मांग की कि इस मामले की जांच स्थानीय प्रभाव से दूर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (SIT) से होनी चाहिए।
📹 ‘थाने के पास घर, फिर भी तुरंत पुलिस को फोन क्यों नहीं किया?’: सीसीटीवी फुटेज में सीपीआर (CPR) के दावे की खुली पोल
राशि ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में शुरू से ही रसूख, पद और प्रभाव का खुला इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब आरोपी परिवार के लोग खुद न्यायतंत्र (ज्यूडिशियरी) से जुड़े रहे हों, बेटा खुद क्रिमिनल लॉयर हो और मां पूर्व जज रह चुकी हों, तब कई सवाल अपने आप खड़े हो जाते हैं। उन्होंने घटना की रात के सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय ससुराल पक्ष द्वारा ट्विशा को सीपीआर देने और बचाने की हड़बड़ाहट का दावा किया जा रहा था, ठीक उसी दौरान वीडियो में लोग बेहद सामान्य तरीके से इधर-उधर टहलते और घूमते दिखाई दे रहे हैं। राशि ने तीखा सवाल उठाया कि घर से चंद कदमों की दूरी पर थाना होने के बावजूद उन्होंने तुरंत पुलिस को कॉल क्यों नहीं किया? यही नहीं, पीड़ित मायके पक्ष की एफआईआर दर्ज करने में भी पुलिस ने तीन दिन की लंबी देरी की।
🤫 ‘घर वापस आना चाहती थी ट्विशा, परिवार ने करा दिए थे टिकट’: नौकरी जाने के बाद हिंसक हो गया था पति समर्थ सिंह का व्यवहार
मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर राशि ने कहा कि अब परिवार को कोई शक नहीं है कि ट्विशा की मौत के पीछे वही पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि कॉर्पोरेट नौकरी जाने के बाद से समर्थ का व्यवहार मानसिक रूप से काफी विक्षिप्त और हिंसक बदल गया था। वह ट्विशा को हर बात पर नीचा दिखाता था, गालियां देता था और लगातार प्रताड़ित करता था। इसी वजह से ट्विशा वहां से भागकर अपने मायके वापस आना चाहती थी। उसने फोन कर घर पर टिकट कराने और पैसे भेजने की बात भी कही थी। परिवार ने उसके कहने पर टिकट तक बुक करा दिए थे, लेकिन बाद में आरोपियों ने दबाव बनाकर उन्हें कैंसिल करवा दिया। राशि भावुक होते हुए बोलीं कि ट्विशा ने कई बार अपने साथ हो रही प्रताड़ना का जिक्र मैसेज में किया था, जो आज सच साबित हो रहा है।
⚖️ ’30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं’: कोर्ट परिसर में मृतका के भाई को खुलेआम दी जा रही हैं धमकियां
सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर राशि ने बेहद गंभीर और संवैधानिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार अपनी गुहार लगाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से सिर्फ पांच मिनट का समय चाहता था, लेकिन सिस्टम ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का वह छोटा सा समय भी मुहैया नहीं कराया। उनका संगीन आरोप है कि पुलिस और रसूखदार लोग पीड़ित परिवार को हर स्तर पर डरा-धमका रहे हैं। राशि ने दावा किया कि कोर्ट परिसर के भीतर ट्विशा के भाई (जो खुद सेना में मेजर हैं) को धक्का दिया गया, उनका फोन छीनकर फेंका गया और गुंडों द्वारा खुलेआम धमकी दी गई कि “तीस लोग बुलाकर यहीं पिटवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं।” राशि ने कहा कि इससे ज्यादा और क्या सबूत चाहिए कि पीड़ित परिवार इस समय भारी दबाव और डर के माहौल में जी रहा है। परिवार को अब स्थानीय पुलिस से कोई उम्मीद नहीं बची है, इसलिए वे न्याय के लिए सीधे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।