ब्रेकिंग
Sangrur Crime News: संगरूर में खौफनाक वारदात, इंस्टाग्राम प्रेमी के चक्कर में मां ने 3 मासूम बच्चों ... Indore Gorilla Piyush Parmar Story: दिन में 25 किलो का 'गोरिल्ला' बन मनोरंजन, रात में पुलिस भर्ती की... Punjab School Education: पंजाब में अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने पर रोक, शिक्षा विभाग ... Canada Sikh News: कनाडा के सरी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सत्कार को लेकर विवाद, कार की डिक्की म... Tikamgarh Crime News: टीकमगढ़ में दिल दहला देने वाली घटना; पेड़ से लटका मिला महिला का शव, कुएं में म... Gurdaspur Crime News: दोरांगला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 85 ग्राम हेरोइन के साथ एक महिला तस्कर गिरफ्ता... Jalandhar Power Theft: जालंधर के गांव महेड़ू में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा, 3 पीजी हाउस पर 70 लाख का... Jalandhar News: जालंधर रेलवे स्टेशन पर 2 दिन की नवजात बच्ची को बेचने की कोशिश, जीआरपी ने पिता को दबो... ICAI CA Exam Schedule: जनवरी परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल जारी, 3 नवंबर से शुरू होंगे फाउंडेशन व इंटरमी... Jalandhar Municipal Corporation: जालंधर में प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी तेज करने के निर्देश, 30 सितंबर तक...

Bengal Madrasa News: पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर एक्शन की तैयारी, सुवेंदु सरकार जल्द जारी करेगी नोटिफिकेशन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही ताबड़तोड़ एक्शन लिए जा रहे हैं। इस बीच खबर है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उनका मंत्रिमंडल राज्य भर में गैर-सरकारी और कथित तौर पर अवैध मदरसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इस फैसले पर बीजेपी विधायक सजल घोष ने कहा कि यह उनकी पार्टी के एजेंडे का हिस्सा रहा है और बंगाल में सभी बिना सहायता प्राप्त और अवैध मदरसों को बंद किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सिर्फ अवैध संस्थानों के खिलाफ है।

🕌 सड़क पर नमाज को लेकर सख्त रुख: मस्जिदों में ही इबादत करने की हिदायत

इससे पहले बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह ने भी सड़कों और खुले स्थानों पर सार्वजनिक नमाज पर प्रतिबंध लगाने की सरकार की योजनाओं के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी; लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ें, लेकिन सड़क पर यह बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोलकाता के रेड रोड इलाके में पहले जिस तरह सार्वजनिक नमाज होती थी, वैसी स्थिति अब देखने को नहीं मिलेगी।

🪖 रेड रोड विवाद पर बोले अर्जुन सिंह: पूर्व सरकार के कार्यकाल में प्रभावित होता था सेना का प्रशिक्षण

अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में रेड रोड पर होने वाली सार्वजनिक नमाज के कारण सेना के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित होते थे। उन्होंने कहा कि यह इलाका रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है और वहां बड़े धार्मिक जमावड़ों से प्रशासनिक दिक्कतें पैदा होती थीं। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और सामाजिक बहस बेहद तेज हो गई है।

📹 बीजेपी विधायक रितेश तिवारी का बयान वायरल: “वोट देने वालों को ही दूंगा प्राथमिकता”

इधर कोलकाता के काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी विधायक रितेश तिवारी का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के लिए काम करेंगे जिन्होंने उन्हें वोट दिया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं सभी का विधायक हूं, लेकिन मैं उन लोगों को प्राथमिकता दूंगा जिन्होंने मुझे वोट दिया है। अगर यह तुष्टीकरण के खिलाफ राजनीति है, तो मैं 100% यही करूंगा।”

🗣️ बयान पर कायम हैं विधायक: “जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनका काम नहीं करूंगा”

जब मीडिया ने उनके इस बयान के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह अपनी बात पर पूरी तरह कायम हैं। तिवारी ने 13 मई को कहा था कि हाल ही में हुए चुनावों में मुस्लिम समुदाय से उन्हें वोट नहीं मिला है, इसलिए वह उनके काम नहीं करेंगे। एक वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि अगले पांच सालों में वह उनके लिए कोई काम नहीं करेंगे क्योंकि वे उनके पास वोट मांगने भी नहीं गए थे।

🔱 “बाबा भोलेनाथ साक्षी हैं”: निर्वाचन क्षेत्र की जनसभा में कही बड़ी बात

उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “लगभग 74 सालों के चुनावी इतिहास में आपके क्षेत्र में मैं पहला उम्मीदवार हूं जिसे एक भी मुस्लिम वोट नहीं मिला। जिन्होंने मुझे वोट दिया है, उनका मुझ पर पूरा अधिकार है।” उन्होंने आगे कहा, “बाबा भोलेनाथ को साक्षी मानकर मैं कहता हूं कि आने वाले पांच सालों में मैं उनके लिए कोई काम नहीं करूंगा और न ही उन्हें कोई प्रमाण पत्र (Certificate) जारी करूंगा।” इस बयान के बाद विपक्ष ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।