रांचीः पीएम मोदी के द्वारा अमेरिका ईरान युद्ध से इंडियन सप्लाई पर पड़ रहे असर को देखते हुए पेट्रोल डीजल बचाने और एक साल सोना नहीं खरीदने की अपील का असर झारखंड में भी देखने को मिल रहा है. पीएम की इस अपील के बाद सर्राफा कारोबार पर सोमवार को असर पड़ता दिखा. आभूषण दुकान में लोग बेहद ही जरूरी वजहों से सोना खरीदते नजर आए.
💰 झारखंड में प्रतिदिन 100 करोड़ से ज्यादा का स्वर्ण कारोबार
आम तौर पर आंकड़ों के मुताबिक रांची सहित पूरे झारखंड में प्रति दिन सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होता है. विवाह और विशेष आयोजन पर यह काफी बढ़ जाता है. इधर झारखंड सोना-चांदी खुदरा व्यवसायी संघ के महासचिव संतोष सोनी ने जहां पीएम मोदी के आह्वान का स्वागत किया है, वहीं यह भी चिंता जताई है कि इससे स्वर्णकारों का व्यवसाय प्रभावित होगा और हर दिन महंगा हो रहा सोना एक गरीब परिवार से दूर हो जायेगा.
⚖️ पुराना सोना बदल कर नया लेना सिर्फ व्यावसायिक फंडा: संतोष सोनी
उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार के लोग पैसा इकठ्ठा कर अपनी बेटी की शादी के लिए पहले से ही सोना खरीदकर रखते हैं. ऐसे में यदि एक दो साल बाद वो खरीदारी करेंगे तो आज के दर से बिक रहा सोना उस समय दोगुना से अधिक हो जायेगा ऐसे में वो इसे कैसे खरीदेंगे. एक सवाल के जवाब में पुराना सोना के बदले नया सोना आभूषण खरीदने के ऑफर का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ ग्राहकों को आकर्षित करने का व्यावसायिक फंडा है.
📈 हाल के दिनों में बढ़ा है सोने में निवेश का जबरदस्त क्रेज
हाल के दिनों में सोना में निवेश करने का क्रेज बढ़ा है. आंकड़ों के मुताबिक देश में हर साल सोने के आयात पर लाखों करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं. 2024- 25 में यह आंकड़ा 4.89 लाख करोड़ रुपए था जो 2025-26 में 6.40 लाख करोड़ रुपए रहा. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में देश में निवेश के लिए सोने की मांग गहनों से भी ज्यादा हो गई है. निवेश के प्रति बढ़ रही रुचि और इससे मिल रहे रिटर्न ने गोल्ड की मांग बढ़ा दी है.