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PM Modi in Kashi: सर्वार्थ सिद्धि योग में पीएम मोदी ने की बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा, बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले लिया आशीर्वाद

वाराणसी (काशी): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की आहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (29 अप्रैल 2026) को एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यहाँ उन्होंने बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाया और देश की समृद्धि व लोक कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। आज का यह दर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘त्रयोदशी तिथि’ के दुर्लभ ज्योतिषीय महासंयोग में संपन्न हुआ।

सर्वार्थ सिद्धि योग: सफलता का अचूक संयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।

  • अर्थ: ‘सर्वार्थ’ यानी सभी मनोरथ और ‘सिद्धि’ यानी उनकी पूर्णता।

  • महत्व: यह योग वार और नक्षत्र के विशेष मिलन से बनता है। माना जाता है कि इस अवधि में किया गया कोई भी शुभ कार्य, संकल्प या पूजा निश्चित रूप से फलदायी और सफल होती है।

त्रयोदशी और शिव भक्ति

आज त्रयोदशी तिथि भी है, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार, त्रयोदशी पर शिव पूजन से जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है। पीएम मोदी ने इस शुभ मुहूर्त में करीब 30 मिनट तक गर्भगृह में रहकर विशेष अर्चना की।

षोडशोपचार विधि: 16 चरणों वाली विशेष पूजा

प्रधानमंत्री ने बाबा विश्वनाथ का पूजन षोडशोपचार पद्धति से किया। यह देवताओं की आराधना की सबसे पूर्ण और सम्मानजनक विधि मानी जाती है:

  1. आवाहन और स्थापना: मंत्रों के जरिए महादेव का आह्वान किया गया।

  2. पंचामृत अभिषेक: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बाबा का अभिषेक कर फिर शुद्ध गंगाजल से स्नान कराया गया।

  3. श्रृंगार: महादेव को भस्म, चंदन, जनेऊ और नवीन वस्त्र अर्पित किए गए।

  4. बिल्वपत्र और नैवेद्य: शिव के प्रिय बिल्वपत्र और पुष्प चढ़ाने के बाद विशेष भोग लगाया गया।

  5. आरती और संकल्प: अंत में कपूर आरती और लोक कल्याण के संकल्प के साथ पूजा संपन्न हुई।

महत्वपूर्ण जानकारी: मंदिर प्रशासन ने प्रधानमंत्री को स्मृति स्वरूप ‘त्रिशूल’ और ‘डमरू’ भेंट किया। काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के बाद पीएम मोदी ने गलियारे में मौजूद बच्चों और स्थानीय लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।