UP School Summer Vacation 2026: यूपी के स्कूलों में कब से शुरू हो रही हैं गर्मियों की छुट्टियां? यहाँ देखें सरकारी आदेश
देशभर में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में तापमान कई जगह 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे हीटवेव का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे में स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियों को लेकर अभिभावक और छात्र लगातार जानकारी जुटा रहे हैं. सरकार और जिला प्रशासन बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जरूरी फैसले ले रहे हैं. इसी बीच यूपी में गर्मी की छुट्टियों को लेकर नया अपडेट सामने आया है, जिसे जानना सभी के लिए जरूरी है.
यूपी में गर्मी का कहर, स्कूलों पर असर
उत्तर प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने हालात मुश्किल कर दिए हैं. कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थिति ज्यादा गंभीर है. गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ने लगा है, इसलिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. कुछ जगहों पर एक-दो दिन के लिए स्कूल बंद करने के आदेश भी जारी किए गए हैं.
कब से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां?
पिछले साल 2025 में उत्तर प्रदेश के स्कूलों में 20 मई से 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां घोषित की गई थीं. इसी आधार पर इस बार भी संभावना जताई जा रही है कि 20 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होगा. यह अवकाश 15 जून के बाद खत्म होगा. बेसिक शिक्षा परिषद की छुट्टियों की लिस्ट में भी इसी तरह की जानकारी दी गई है, जो सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगी.
नोएडा में स्कूल टाइम बदला
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया है. 27 अप्रैल 2026 से सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगे. यह नियम सरकारी, प्राइवेट और सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू है. यह निर्णय बच्चों को तेज गर्मी से बचाने के लिए लिया गया है.
मेरठ में भी उठी स्कूल बंद करने की मांग
मेरठ में भी गर्मी के कारण बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है. यहां छात्र नेताओं ने कक्षा 8 तक के स्कूल बंद करने की मांग की है और इसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है.
स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर फैसले
सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गर्मी से सुरक्षित रखना है. इसी कारण समय में बदलाव और छुट्टियों का निर्णय लिया जा रहा है, ताकि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सेहत भी सुरक्षित रहे.