Central Jail Threat: केंद्रीय जेल अधीक्षक और परिवार को जान से मारने की धमकी, खौफनाक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बठिंडा: बठिंडा की केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में आ गई है। लंबे समय से बंद भगवंत सिंह उर्फ “प्रधानमंत्री बाजेके” ने जेल के अंदर से ही सिस्टम को खुली चुनौती देते हुए जेल अधीक्षक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे दी। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जेल प्रशासन ने थाना कैंट पुलिस को लिखित शिकायत भेजकर बताया है कि बंदी भगवंत सिंह ने न केवल जेल अधीक्षक को धमकाया, बल्कि उनके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। पत्र में इस कृत्य को गंभीर आपराधिक अपराध बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
वायरल ऑडियो ने खोली पोल या रची साजिश?
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब सोमवार को भगवंत सिंह उर्फ बाजेके की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस ऑडियो में वह कथित तौर पर अपनी मां से बातचीत करते हुए जेल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगा रहा है। बातचीत के दौरान वह अपनी मां को यह भी कहता सुनाई देता है कि इस रिकॉर्डिंग को मीडिया तक पहुंचाया जाए, जिससे उसके आरोप सार्वजनिक हो सकें। इस ऑडियो के सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जेल के अंदर से मोबाइल और रिकॉर्डिंग कैसे संभव हुई? क्या जेल प्रशासन की सुरक्षा में सेंध लगी है या फिर अंदर कोई मिलीभगत काम कर रही है?
प्रशासन हरकत में, लेकिन जवाबों से बचते अधिकारी
ऑडियो वायरल होने के तुरंत बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और देर शाम को पुलिस को पत्र भेज दिया गया। हालांकि, जब इस मामले में जेल अधीक्षक हिम्मत शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका पक्ष सामने नहीं आ सका, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई का भरोसा
थाना कैंट के एसएचओ रघुवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि जेल प्रशासन की ओर से उन्हें शिकायत पत्र मिला है। पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि बंदी ने अधीक्षक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
जेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बठिंडा केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी जेल से मोबाइल, वीडियो और ऑडियो वायरल होने के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सख्ती के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच के बाद इस मामले में क्या सच्चाई सामने आती है—क्या यह धमकी वाकई गंभीर साजिश का हिस्सा है या फिर किसी बड़े खुलासे को दबाने की कोशिश? फिलहाल, इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और जेल सुरक्षा दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।